बहजोई। कलक्ट्रेट सभागार में हुई किसान दिवस की बैठक में किसानों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। किसानों ने मुख्य विकास अधिकारी गोरखनाथ भट्ट के सामने नियमित बिजली आपूर्ति न मिलने और जर्जर लाइनों से होने वाली परेशानियों को रखा। सीडीओ ने किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान कराए जाने का आश्वासन दिया।
किसानों ने बेरनी व डारनी बिजलीघरों को जिला संभल से संचालित करने की मांग भी की। इसके साथ ही, किसानों की जमीन के सर्किल रेट बढ़ाए जाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। किसानों का कहना था कि नियमित बिजली आपूर्ति न होने और जर्जर बिजली लाइनों से वे लंबे समय से परेशान हैं। कई बार अधिकारियों के सामने समस्या रखने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ है।
बिजली आपूर्ति और बिजलीघरों का संचालन
किसानों ने बताया कि बेरनी व डारनी के बिजलीघरों से जुड़े अधिकतर उपभोक्ता जिला संभल के बनियाखेड़ा ब्लॉक के हैं। इन उपभोक्ताओं को बिजली से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुरादाबाद के विद्युत अधिकारियों के पास जाना पड़ता है। किसानों ने मांग की कि इन दोनों बिजलीघरों को जिला संभल से ही संचालित किया जाए, ताकि उन्हें सुविधा मिल सके।
सर्किल रेट और अन्य मांगें
किसानों ने यह भी मुद्दा उठाया कि जिले में गंगा एक्सप्रेसवे, मध्य गंगा नहर और औद्योगिक गलियारे जैसे बड़े कार्य हो रहे हैं। इन परियोजनाओं के लिए किसानों की उपजाऊ जमीन औने-पौने दामों में अधिग्रहित की जा रही है। इससे किसानों को काफी नुकसान हो रहा है, इसलिए जमीन के सर्किल रेट बढ़ाए जाने चाहिए। बैठक में महावा नदी के गंदे पानी की समस्या और अरिल नदी पर बने नाले को पक्का कराने की मांग भी उठाई गई। इस दौरान, कृषि वैज्ञानिक डॉ. अरविंद ने किसानों को धान, गन्ना, उड़द व गेहूं की फसल में कीट रोग नियंत्रण की जानकारी दी। डीडीएजी अरुण कुमार त्रिपाठी ने कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी साझा की।