कृषि कानूनों के विरोध में संभल में तीन स्थानों पर किसान सड़कों पर उतर आए। नारेबाजी करते हुए जाम लगाया। पुलिस और प्रशासन पहले से सतर्क था। किसान नेताओं की घेराबंदी कर ली गई थी। इसलिए पूरे तीन घंटे तक जाम नहीं लग सका। तीनों स्थानों पर आधा-आधा घंटे तक जाम रहा।
संभल-गवां मार्ग पर नारंगपुर में भाकियू असली के आह्वन पर किसान सड़क पर उतर आए। दोपहर 1.37 मिनट से 1.43 मिनट तक जाम लगाया। वाहनों की एक किलोमीटर लंबी कतार लग गई। संभल के एसडीएम और सीओ ने ज्ञापन लेकर किसानों का जाम खुलवाया। मुरादाबाद-आगरा हाइवे पर धनारी थाने के पास किसानों ने दोपहर 12.30 से करीब एक बजे तक आधा घंटे जाम लगाया। गुन्नौर के एसडीएम को ज्ञापन देकर किसान सड़क से हटे।
पवांसा-दिलगौरा मार्ग पर किरारी गांव में 12.45 बजे से 1.30 बजे तक किसान सड़क पर रहे। धरना देकर प्रदर्शन किया। पवांसा के चौकी इंचार्ज ने आंदोलनकारियों से वार्ता की और जाम खुलवाया। संभल हसनपुर मार्ग पर गैलुआ में सड़क किनारे निजी परिसर में सुबह से ही किसान एकत्र होने लगे। परिसर के बाहर एडीएम, एएसपी, सीओ, एसडीएम, नखासा थाने की पुलिस और पीएसी के साथ थे।
किसान सड़क उतर कर जाम लगाना चाहते थे लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया। अलबत्ता पुलिस निगरानी की वजह से घर में बंद भाकियू असली के मंडल महासचिव संजीव गांधी और युवा पदाधिकारी अर्जुन सिंह को किसानों की मांग पर गैलुआ लाया गया। दोनों ने किसानों को संबोधित किया। इसके बाद एसडीएम और सीओ ने ज्ञापन लिया।
उधर अमरोहा में नए कृषि कानूनों को वापस कराने को लेकर भाकियू असली के कार्यकर्ताओं ने रजबपुर और धनौरा में चक्का जाम किया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के नेतृत्व में किसानों ने हाईवे जाम किया। हाईवे पर किसानों के आते ही वाहनों की लंबी कतार लग गई। राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।