बबराला के गांव बाघऊ में रेलवे ट्रैक के नीचे अंडरपास निर्माण के लिए खोदाई करती जेसीबी। संवाद
बबराला(संभल)। क्षेत्र के गांव बाघऊ में रेलवे फाटक पर अंडरपास का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। बबराला समेत आसपास गांव के लोगों को रजपुरा जाने के लिए राहत मिलेगी। लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह अंडरपास क्षेत्र के लोगों को जाम और हादसों से भी राहत देगा।बता दें कि बबराला समेत आसपास के गांव के लोगों को खेड़ेश्वर मंदिर और रजपुरा जाने के लिए 5-6 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर करना पड़ता था। मंदिर जाने वालों को पांच किलोमीटर घूम कर जाने में काफी समय की बर्बादी होती थी। बदायूं की तत्कालीन सांसद डॉ. संघमित्रा मौर्य ने बबराला के बाघऊ में रेलवे ट्रैक के नीचे अंडरपास निर्माण के लिए पैरवी की थी और रेल मंत्री से स्वीकृति दिलाई थी।
स्वीकृति मिलने के बाद कार्यदायी संस्था द्वारा अंडरपास निर्माण के लिए जेसीबी से खोदाई का कार्य शुरू कर दिया गया है। अंडरपास करीब 120 मीटर लंबा और 10 मीटर चौड़ा होगा। इसे रेलवे ट्रैक के नीचे से पूरी तरह भूमिगत स्वरूप में तैयार किया जाएगा। इससे वाहनों का आवागमन सुचारु रूप से हो सकेगा। एडीईएन सुभाष श्रीवास्तव ने बताया कि अंडरपास निर्माण का कार्य शुरू करा दिया गया है।
मानवरहित रेलवे फाटक बंद होने से लंबा रास्ता तय करते हैं ग्रामीण
बबराला के गांव बाघऊ का मानवरहित रेलवे फाटक सुरक्षा के मद्देनजर काफी समय पहली स्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। जिससे ग्रामीणों को आवागमन के लिए लंबे रास्ते से घूम कर आना पड़ता है। जिससे समय के साथ ईंधन की भी बर्बादी होती है। अंडरपास बनने से ग्रामीणों को राहत मिलेगी। अंडरपास के निर्माण से बाघऊ सहित आसपास के कई गांवों के लोगों को सुरक्षित और सीधा मार्ग मिलेगा। इससे गवां रोड पर यारा फर्टिलाइजर्स रेलवे क्रॉसिंग के पास लगने वाले जाम से निजात मिल सकेगी।