संभल मंडी समिति में ईवीएम सत्यापन के लिए स्ट्रांग रूम खुलवाते एसडीएम।
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चुनाव के बाद ईवीएम को बदल दिए जाने के आरोपों से बचने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने नया फार्मूला निकाला है। आयोग फिजिकल वेरीफिकेशन मोबाइल एप के जरिये ईवीएम भौतिक सत्यापन करा रहा है। सत्यापन होते ही ईवीएम आयोग के साफ्टवेयर से ऑनलाइन जुड़ जाएंगी। संभल में अधिकारियों की मौजूदगी में यह प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
भारत निर्वाचन आयोग ने प्रदेश भर के जिला निर्वाचन अधिकारी को ईवीएम का शत प्रतिशत सत्यापन करने का निर्देश दिया है। प्रत्येक जिले में यह कार्य 15 से 25 अप्रैल के बीच पूरा करने को कहा गया है। यह तैयारी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर की जा रही है। इसके तहत सोमवार को संभल में प्रक्रिया शुरू कर दी गई। मंडी समिति स्थित स्ट्रांग रूम में 2186 बैलेट यूनिट और 1750 कंट्रोल यूनिट मशीनें रखी हैं।
उप जिलाधिकारी अमित कुमार ने अपनी मौजूदगी में स्ट्रांग रूम खुलवाया। इसके बाद ईवीएम के प्रभारी अधिकारी/एसओसी चकबंदी, सहायक प्रभारी अधिकारी/सीओ चकबंदी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी के कार्यालय के स्टाफ की मौजूदगी में मोबाइल में अपलोड एप के जरिये ईवीएम का भौतिक सत्यापन करने का काम शुरू हुआ।
सत्यापन होते हुए ईवीएम आयोग के साफ्टवेयर ट्रैकिंग सॉफ्टेवयर से जुड़ी जाएंगी। यह व्यवस्था ईवीएम बदलने के आरोपों से बचने के लिए की गई है।आयोग से ऑनलाइन जुड़ी ईवीएम से चुनाव होगा। वहीं, आयोग की इस पहल की खास बात यह भी है कि देश और दुनिया में कहीं भी बैठकर यह देखा जा सकेगा कि किस नंबर की ईवीएम किस जनपद में है।