बहजोई। कलक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने अधिकारियों के साथ युद्ध-आपदाओं से जुडे़ नागरिक सुरक्षा संगठन (सिविल डिफेंस) के सदस्यों के साथ बैठक की। इसमें डीएम ने कहा कि युद्ध जैसी स्थिति में अपना दायित्व समझते हुए हर व्यक्ति सक्रिय हो जाए।
डीएम ने बताया कि गुन्नौर में 179 वॉलंटियर्स कार्य कर रहे हैं। वहीं, सैनिक कल्याण से जुड़े 1875 सेवानिवृत लोग हैं। डीएम ने कहा कि सेवानिवृत सैनिकों में 75 वर्ष से अधिक व कम आयु वाले लोगों की सूची बनाई जाए। इस बीच डीएम ने होमगार्ड, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड, युवा कल्याण से जुड़े युवक मंगल दल व महिला मंगल दल से जुड़े लोगों की जानकारी भी ली। डीएम ने कहा कि ब्लॉक बनियाखेड़ा गांव आटा में युवक मंगल दल व महिला मंगल के लोगों की सूची बनाकर उपलब्ध कराई जाए। डीएम ने कहा कि प्रथम चरण में 14 ग्रामीण क्षेत्र में स्थित पीएम श्री विद्यालयों से जुड़े गांवों के युवक मंगल दल व महिला मंगल दल को सक्रिय किया जाए।
एसपी कृष्ण विश्नोई ने कहा कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय समेत शासन की ओर से मिले निर्देशों के आधार पर बुधवार को जिले में युद्ध से जुड़ी मॉक डि्रल कराई जाएगी। इसके अलावा एसपी ने रेड वार्निंग सिस्टम, अर्ली वार्निंग सिस्टम, लोकेशन, कंट्रोल रूम, रेस्क्यू ऑपरेशन व डिपो मैनेजमेंट आदि की जानकारी दी। इस बीच एसपी ने युद्ध जैसी स्थिति से पहले विभागीय व सिविल डिफेंस प्रशिक्षण समेत एंबुलेंस की भूमिका, अस्पतालों को चिह्नित करना आदि को लेकर दिशा-निर्देश दिए।
वहीं, प्रमुख सेवाएं व उनकी भूमिका पर भी बातचीत की गई। इसके अलावा युद्ध के समय एडवाइजरी जारी कर आम जनमानस को सुरक्षित रखने तथा संभावित खतरों से बचाव को लेकर भी बातचीत की गई। इस बीच सैनिक कल्याण बोर्ड, एनसीसी, एनएसएस, युवा कल्याण विभाग, सिविल डिफेंस, अग्निशमन विभाग, होमगार्ड विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग व स्काउट एंड गाइड आदि से जुड़े प्रतिनिधि तथा विभागीय अधिकारी रहे।
युद्ध जैसी स्थिति से बचने के लिए अधिकारियों ने दी यह गाइड लाइन
बहजोई। कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में अधिकारियों ने कहा कि ऐसी स्थिति में शांत रहें और अफवाहों पर ध्यान न दें। घबराएं नहीं, स्थिति की गंभीरता को समझें। सिर्फ सरकार व जिला प्रशासन की ओर से जारी की गई आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें। रेडियो, टेलीविजन, आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से नवीनतम और सत्यापित जानकारी प्राप्त करते रहें। सुरक्षित स्थानों पर आश्रय लें। बंकर या सुरक्षित स्थानों की पहचान करें, आंतरिक कमरों का उपयोग करें। जरूरी आपूर्ति तैयार रखें, आपातकालीन किट तैयार रखें। सुरक्षा एवं सतर्कता रखें। सामुदायिक प्रयासों में भाग लें, गैर जरूरी यात्रा से बचें, प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और एक दूसरे का सहयोग करें। यह युद्ध जैसी स्थिति में तैयार रहने का अवसर है, समाज को दिशा देने का कार्य करना है।