संभल। पवांसा गांव के लोगों की प्यास बुझाने के सारे दावों पर पानी फिर गया है। गांव की दीवारों पर लिखे गए स्लोगन चुनावी वादों जैसे ही कोरे साबित हो रहे हैं। फिलहाल 10 हजार की आबादी वाले गांव के लोग घरों में लगे हैंडपंपों आर्सेनिकयुक्त दूषित पानी पीने के लिए मजबूर हैं। जबकि गांव में स्वच्छ जलापूर्ति के नाम पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए गए जा चुके हैं।
10 हजार की आबादी वाले गांव पवांसा में जल जीवन मिशन के तहत लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मंशा से करोड़ों रुपये खर्च किए गए। तीन माह पहले गांव में ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया गया था। इसके बाद 150 परिवारों के कनेक्शन भी किए गए हैं। लेकिन विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते तीन माह बीतने के बाद भी जलापूर्ति शुरू नहीं हो पाई। ग्रामीण घरों में लगे निजी हैंडपंप और सबमर्सिबल का दूषित पानी पीने के लिए मजबूर हैं। हैंडपंपों के पानी में आर्सेनिक की मात्रा बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि जितनी तेजी के साथ ओवरहेड टैंक का निर्माण कार्य पूरा हुआ, उस हिसाब से जलापूर्ति नहीं मिल पाई है। वहीं ब्लॉक परिसर में भी कर्मचारियों और ब्लॉक में आने जाने वाले लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए बनाया गया ओवरहेड टैंक का भी यही हाल है। यहां भी स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति न हो पा रही है।
पांच वर्ष पहले बना था ओवरहेड टैंक बना शोपीस
असमोली ब्लॉक के गांव शहबाजपुर कलां में ओवरहेड टैंक करीब पांच वर्ष पहले बनाया गया था। पाइपलाइन भी बिछा दी गई थी, लेकिन ग्रामीणों को पानी अभी तक नहीं मिल सका है। अब हालत यह है कि पाइपलाइन जर्जर हो चुकी है। शहबाजपुर कलां में करीब 12 हजार आबादी है। जो आर्थिक रूप से कमजोर लोग हैं उनके घरों में हैंडपंप लगे हैं जो दूषित पानी देते हैं। ग्रामीणों को पांच वर्ष से उम्मीद है कि ओवरहेड टैंक से स्वच्छ पानी मिलेगा।
इन गांवों में जल जीवन मिशन का कार्य नहीं हुआ पूरा
तहसील के गांव तलवार, मनोटा, चंदवार, रचैटा, हीरापुर, मिलकपुर नवादा, मतावली पट्टी जग्गु, टांडा कोठी, खासपुर, मुबारकपुर बंद, सैदपुर जयराम, मंसूरपुर माफी आदि गांवों में जल जीवन मिशन का कार्य अधूरा पड़ा है। पानी की आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाई गई थी। इसके लिए सड़क को खोदा गया था। पाइपलाइन तो बिछ गई लेकिन पानी ग्रामीणों के घर तक नहीं पहुंचा। वहीं सड़क की भी मरम्मत नहीं कराई गई। अब ग्रामीणों को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ता है। पैदल भी नहीं निकल पा रहे हैं।
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यह बोले लोग
कोट
छह माह पहले पेयजल आपूर्ति के लिए कनेक्शन मिल गया था। लेकिन आपूर्ति आज तक नहीं मिल पाई है। मजबूरी में हैंडपंप का ही पानी पी रहे हैं, जो दूषित होता जा रहा है। -अंकित सागर, पवांसा
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गांव में पेयजल आपूर्ति के लिए परियोजना तैयार है। सिर्फ आपूर्ति होनी बाकी है। सात माह पहले उन्हें भी कनेक्शन मिल गया था लेकिन आपूर्ति नहीं मिल पाई है। किसी से भी शिकायत करो, कोई जवाब नहीं मिलता। मजबूरी में दूषित पानी ही पी रहे हैं। -सुमित कुमार, पवांसा
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लोगों को कनेक्शन मिल गए हैं और पानी नहीं मिल रहा है तो यह गंभीर है। इस मामले की जांच के लिए जाएंगे। जांच पड़ताल के बाद लोगों को पानी उपलब्ध कराया जाएगा। -धर्मवीर, अवर अभियंता, जल निगम, ग्रामीण
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