शिक्षक अंकुर त्यागी ने कहा, नशा एक अभिशाप है जो न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि पूरे समाज को कमजोर करता है। इससे बचने के लिए हमें एकजुट होकर प्रयास करना होगा। छात्रों और अभिभावकों को जागरूक करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखने के लिए शिक्षा और संस्कार बेहद आवश्यक हैं। ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने परिवार और समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। साथ ही अधिक से अधिक संख्या में अपने बच्चों का प्रवेश परिषदीय विद्यालय में कराए जाने का आह्वान किया। इस दौरान दिनेश गौतम, बृजेश कुमार, रुचि चौधरी, सुरेंद्र पाल, कुमारी मंजू, विनोद कुमारी आदि रहे।