बहजोई। भूजल सप्ताह व जल संरक्षण जनजागरूकता अभियान के सफल संचालन के लिए जिला स्तरीय बैठक की गई। मंगलवार को हुई बैठक में डीसी मनरेगा राम आशीष ने बताया कि जल संचयन, संरक्षण व संवर्धन सरकार का सर्वोच्च प्राथमिकता वाला कार्यक्रम है। इसी उद्देश्य से वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री की ओर से जल शक्ति अभियान की शुरूआत की गई।उन्होंने बताया कि भूजल का समेकित प्रबंधन व नियोजित विकास प्रदेश सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। भूजल पुनर्भरण के लिए तालाबों व चेक डैमों के निर्माण तथा जीर्णोद्धार के साथ-साथ जल संरक्षण के लिए ड्रिप व स्प्रिंकलर सिंचाई, मल्चिंग, धान की सीधी बुवाई जैसी जल-कुशल कृषि तकनीकों को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही भूजल के अनियंत्रित व अनुचित दोहन को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा रहा है।
डीसी मनरेगा ने बताया कि सात दिवसीय अभियान के तहत 16 व 17 जुलाई को ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम पंचायत सचिव, 18 व 19 जुलाई को ब्लॉक व क्षेत्र पंचायत स्तर पर बीडीओ तथा 20 व 21 जुलाई को नगर पालिका व नगर पंचायत स्तर पर ईओ को नोडल बनाया गया है। वहीं, 22 जुलाई को जिला स्तर पर सीडीओ के नेतृत्व में कार्यक्रम किए जाएंगे। जल शक्ति अभियान के तहत जिला स्तरीय नोडल अधिकारी सीडीओ तथा सहायक नोडल अधिकारी एई, लघु सिंचाई विभाग होंगे।
उन्होंने बताया कि अभियान के प्रथम व द्वितीय दिन चिंहित जल निकायों (वाटर बॉडी) के पुनरुद्धार के लिए श्रमदान किया जाएगा। साथ ही, ग्राम पंचायत स्तर पर अक्रियाशील जल निकायों को चिंहित कर विभिन्न विभागों के अधिकारियों व जनसहभागिता के माध्यम से संयुक्त श्रमदान कराया जाएगा। वहीं, पेयजल व स्वच्छता समिति की बैठक, जनजागरूकता रैली, दीवार लेखन, पोस्टर प्रदर्शन, वर्षा जल संचयन स्थलों की पहचान, पौधारोपण, रिचार्ज पिट निर्माण व जल संरक्षण की शपथ दिलाई जाएगी।
इसके अलावा, तृतीय व चतुर्थ दिन ब्लॉक व क्षेत्र पंचायत स्तर पर कार्यशालाओं व समंवय बैठकों, पूर्व निर्मित जल संरचनाओं का स्थलीय निरीक्षण, उनकी क्रियाशीलता का मूल्यांकन, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई का प्रदर्शन तथा जल संरक्षण शपथ कार्यक्रम होंगे।
साथ ही, पांचवे व छठे दिन नगर पालिका व नगर पंचायत स्तर पर कार्यशालाएं व समंवय बैठकें होंगी। विद्यालयों में पोस्टर व निबंध प्रतियोगिताएं, जल गुणवत्ता परीक्षण का प्रदर्शन, वर्षा जल संचयन स्थलों की पहचान तथा जल संरक्षण शपथ कार्यक्रम भी होंगे। आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, सातवें दिन 22 जुलाई को जिला स्तर पर पेयजल व स्वच्छता तथा जलजनित रोगों से बचाव विषय पर जनजागरूकता कार्यशाला, जिला स्तरीय समंवय बैठक, आईईसी गतिविधियों का प्रदर्शन, जल संचयन कार्यों की समीक्षा, प्रेस वार्ता, मीडिया ब्रीफिंग, अभियान की समीक्षा व रिपोर्टिंग तथा जल संरक्षण शपथ होगी।
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सार्वजनिक भवनों का सर्वे कर रेन वाटर हार्वेस्टिंग को करें चिंहित
बहजोई। बैठक में डीएम अंकित खंडेलवाल ने नगर पंचायतों व पालिकाओं समेत डीपीआरओ को जल निकासी से जुड़े कार्यों का शीघ्र निस्तारण करने को कहा। उन्होंने नगर पालिका परिषद संभल, चंदौसी व बहजोई के ईओ को सार्वजनिक भवनों का सर्वे कर रेन वाटर हार्वेस्टिंग का चिंहाकन करने को कहा।
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तालाबों व कुओं को चिंहित कर करें सूची तैयार
बहजोई। बैठक में डीएम ने नगर निकायों के तालाबों, कुओं व अन्य जल निकायों का चिंहांकन कर उनकी सूची तैयार करने तथा अतिक्रमित तालाबों व कुओं का विवरण एवं फोटोग्राफ उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने नगर क्षेत्रों में जलभराव वाले स्थलों का सर्वेक्षण कर उनकी स्थाई कार्ययोजना तैयार करने तथा नगर क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों पर वजन मापक यंत्रों की उपलब्धता करने को कहा।