संवाद न्यूज एजेंसी
कुढ़फतेहगढ। बुधवार को डीआईओएस श्यामा कुमार ने अपने निरीक्षण के दौरान तीन इंटर कॉलेज में गलत तरीके से चल रही बच्चों की प्राथमिक कक्षाओं को बंद करा दिया। साथ ही निरीक्षण के दौरान ज्यादातर विद्यालयों में छात्र - छात्राएं जर्जर कक्षों में पढ़ते दिखाई दिए। इस पर उन्होंने जर्जर भवनों के नीचे शिक्षण कार्य न होने के आदेश दिए।
डीआईओएस श्यामा कुमार ने बताया कि बुधवार को गांव बेरनी के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण किया गया। यहां कक्षा 10 में हिन्दी विषय पढ़ाया जा रहा था। डीआईओएस द्वारा छात्र-छात्राओं से विभिन्न विषयों के प्रश्न पूछे जाने पर छात्र-छात्राओं ने काफी अच्छी तरह उत्तर दिए। इसके बाद कुढ़फतेहगढ़ के बाबूराम सिंह उच्च माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण किया गया। यहां विद्यालय के तीन शिक्षक जर्जर कक्षों में बच्चों को पढ़ा रहे थे। साथ ही विद्यालय परिसर में गंदगी पसरी पड़ी थी। वहीं, एक ही प्रांगण में प्राथमिक की कक्षाएं भी संचालित की जा रही थी। इसे तुरंत बंद कराने के निर्देश प्रधानाचार्य को दिए गए। साथ ही अल्प योग्यताधारी शिक्षकों द्वारा शिक्षण कार्य कराया जा रहा था। इस संबंध में विद्यालय के प्रधानाचार्य किशन लाल व प्रबंधक राजवीर सिंह यादव को जर्जर कक्षों में बच्चों को न बैठाने और विद्यालय का जीर्णोद्धार कराने के निर्देश दिए गए।इस विद्यालय में मान्यता संबंधी शर्तों को भी पूर्ण नहीं किया गया था। इस पर प्रधानाचार्य व प्रबंधक को आदेशित किया गया कि वह जल्दी ही मान्यता की शर्तों को पूर्ण कर अधोहस्ताक्षरी को अवगत कराए। फिर गांव भगतपुर पहेली के गंगा मैया इंटर कालेज का निरीक्षण किया गया। इस विद्यालय के अधिकांश शिक्षण कक्ष जर्जर हालत में पाए गए। कक्षों की छतों से बरसात का पानी टपक रहा था। साथ ही विद्यालय में प्राथमिक कक्षाएं संचालित होती पाई गई। जिसे तुरंत बंद कराने के निर्देश दिए गए। वहीं, यहां कक्षा छह की छात्रा अपने पिता का नाम हिंदी में लिखने में विफल रही। साथ ही, कक्षा 10 के दो छात्र आसान प्रश्नों के उत्तर तक नहीं दे सके। इस विद्यालय में जर्जर कक्षों में छात्र-छात्राओं को न बैठाए जाने के आदेश संबंधित को दिए गए। इसके अलावा गांव बलकरनपुर के एक इंटर कॉलेज में गलत तरीके से कक्षा आठ की कक्षा संचालित हो रही थी। जिसे तुरंत बंद कराने के निर्देश दिए गए।