चंदौसी। कोरोना काल में बंद किया गया चंदौसी रेलवे स्टेशन का दोपहिया वाहन स्टैंड आज तक दोबारा शुरू नहीं हो सका है। नतीजा यह है कि स्टेशन आने वाले लोग अपनी बाइक और स्कूटी मुख्य गेट के बाहर ही खड़ी कर रहे हैं। इससे स्टेशन के बाहर अव्यवस्था का माहौल बना रहता है और यात्रियों को आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ती है। इसके साथ ही ट्रेन आने और जाने के समय सैकड़ों की संख्या में ई-रिक्शा भी स्टेशन के बाहर जमा हो जाते हैं, जिससे हालात और बिगड़ जाते हैं और कई बार भीषण जाम लग जाता है।
चंदौसी रेलवे स्टेशन से दर्जन भर से ज्यादा ट्रेनों का आवागमन होता है। ऐसे में हर दिन बड़ी संख्या में यात्री रेलवे स्टेशन पहुंचते हैं। वहीं, रेलवे स्टेशन के सामने स्थित रेलवे का दोपहिया वाहन स्टैंड कोरोना काल से बंद होने के कारण स्टेशन आने वाले लोग अपनी बाइक व स्कूटी रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार के बाहर सड़क पर ही खड़ी कर देते हैं। कई बार इतनी अधिक बाइक खड़ी हो जाती हैं कि स्टेशन के मुख्य मार्ग पर निकलना भी मुश्किल हो जाता है। खासकर ट्रेन आने और जाने के समय लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
इसके साथ ही ट्रेन के समय सैकड़ों की संख्या में ई-रिक्शा भी स्टेशन के बाहर जमा हो जाते हैं, जिससे अव्यवस्था और जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि कोरोना महामारी खत्म हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन रेलवे का बाइक स्टैंड अब तक शुरू नहीं किया गया। यदि स्टैंड दोबारा चालू हो जाए तो वाहनों की पार्किंग व्यवस्थित हो सकती है और स्टेशन के बाहर लगने वाली भीड़ व अव्यवस्था से राहत मिल सकती है।
स्टेशन अधीक्षक राजू कुमार ने बताया कि दो पहिया वाहन स्टैंड के टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है जल्द ही वाहन स्टैंड शुरू हो जाएगा। साथ ही, अमृत योजना के तहत भी हो रहे रेलवे स्टेशन के निर्माण कार्य में पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी।