संभल। भीषण गर्मी का असर बढ़ते ही कुत्ते काटने की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। गर्मी में खूंखार हुए कुत्तों ने शुक्रवार को एक ही दिन में 13 लोगों को निशाना बनाया। यह लोग जिला अस्पताल में एंटी रैबीज लगवाने पहुंचे।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करने पर पता चला कि अस्पतालों में एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगवाने वालों की भीड़ बढ़ती जा रही है। कुत्तों के खूंखार होने के पीछे गर्मी तो एक कारण है ही। वहीं, देर रात ग्रामीण क्षेत्रों में कुत्ते लोगों पर हमला कर रहे हैं। इसमें सबसे अधिक शिकार युवा हुए हैं। शुक्रवार को ही जिला अस्पताल में 13 लोगों को एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाया गया।
जिला अस्पताल के कार्यवाहक सीएमएस डॉ.राजेंद्र सैनी ने बताया कि कुत्ता काटने के चार इंजेक्शन मरीज को लगाए जाते हैं। पहला इंजेक्शन 24 घंटे के अंदर, दूसरा तीसरे दिन, तीसरा इंजेक्शन सातवें दिन और चौथा इंजेक्शन 28वें दिन लगाया जाता है। कुत्तों के काटने के बाद एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाना इसलिए जरूरी है कि कीटाणु न पनपने पाए।
उन्होंने बताया कि गर्मी में कुत्ते खूंखार इसलिए हो जाते हैं, क्योंकि उनके शरीर में पसीना नहीं होता है, जिससे वे गर्मी को बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं। गर्मी के कारण उनका थर्मोरेगुलेशन (शरीर का तापमान नियंत्रित करने की प्रक्रिया) प्रभावित होता है और वे अधिक उत्तेजित और आक्रामक हो जाते हैं।