22 साल के प्रताप के लिए जब पढ़ाई का दबाव बर्दाश्त के बाहर को गया तो उसने जहर खाकर जान दे दी। घर वालों से उसकी आखिरी गुहार सिर्फ थी कि -मुझसे नफरत मत करना।
प्रताप मुरादाबाद के एक संस्थान में पढ़ रहा था। अपने सुसाइड नोट में भी उसने लिखा है कि किताब खोलकर बैठते ही उसके सिर में दर्द होने लगता है। चूंकि वह अपने घर वालों का दिल नहीं दुखाना चाहता इसलिए उसने दुनिया छोड़ने का फैसला कर लिया।
प्रताप सिंह ने जहर खाने से पहले घर में टंगी पिता चरन सिंह निवासी असमोली थाना क्षेत्र के शाहपुरडसर की शर्ट की जेब में सुसाइड नोट छोड़ा था। यह सुसाइड नोट पिता के नाम ही संबोधित था। रविवार की दोपहर को पिता और भाई अपने-अपने काम पर गए हुए थे।
घर पर मां विमला देवी अकेली थी। इसी दौरान प्रताप सिंह ने अचानक विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया था। थोड़ी देर बाद प्रताप की हालत बिगड़नी शुरू हो गई। उसे देखकर मां विमला देवी घबरा गईं। विमला देवी ने आस पड़ोस के लोगों को बुलाया और पति चरन सिंह को फोन पर जानकारी दी।
आनन-फानन में प्रताप को टीएमयू में भर्ती कराया गया। सोमवार की सुबह को चिकित्सकों ने प्रताप को मृत घोषित कर दिया। प्रताप की मौत की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने सुसाइड नोट बरामद कर लिया है। सूचना मिलते ही पाकबड़ा पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। ब्यूरो