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मकान गिरने से महिला की मौत, रघुपुर पुख्ता में घुसा पानी

Tue, 31 Jul 2018 12:29 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, संभ्ाल
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राजघाट गंगा घाट पर मंदिर के निकट पहुंचा गंगा का पानी। - फोटो : अमर उजाला
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 बरसात के कहर से जुनावई क्षेत्र के घोसली वाहन गांव में सोमवार की दोपहर को करीब बारह बजे एक मकान का लिंटर छह गया। इसमें दबकर महिला की मौत हो गई। हालांकि शोर शराबा सुनकर ग्रामीण तत्काल राहत कार्य में जुटे, लेकिन मलबा हटाने में करीब तीस मिनट का समय लग गया।
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क्षेत्र के घोसली वाहन गांव में राकेश कुमार शर्मा के दो घर है, एक में परिवार रहता है, दूसरे में भूसा व उपले रखे हुए हैं। बरसात के दौरान भूसा रखे के डॉट वाले लिंटर की परतंे छूटने लगी थीं, तो गृह स्वामी ने सभी परिजनों को उस मकान में बरसात के दौरान नहीं जाने की हिदायत दे थी, लेकिन सोमवार को गृह स्वामी खेत पर चला गया।

बेटा भी कहीं गया हुआ था। खाना बनाने के लिए उपले की आवश्यकता थी तो राकेश कुमार शर्मा की पत्नी श्रीवती (36) खुद ही उपले लेने के लिए मकान में गई। वह उपले निकाल ही रही थी कि अचानक भरभरा कर लिंटर गिर गया। जिसके मलबे में श्रीवती दब गई।
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लिंटर गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े। फाबडे़ आदि लाकर मलबा हटाने का कार्य शुरू किया, लेकिन उसे हटाने में करीब आधे घंटे का समय लग गया। श्रीवती बाहर निकली तो उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस भी मौके पर पहुंची लेकिन परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने की इजाजत नहीं दी।

शाम को उप जिलाधिकारी गुन्नौर दीपेंद्र यादव पहुंचे, उन्होंने मृतक आश्रितों को आपदा राहत कोष से पांच लाख रुपये की सहायता दिलाने की घोषणा की। ब्लाक प्रमुख दिव्य प्रकाश भी मौके पर पहुंचे, मृतक आश्रितों को सांत्वना दी।

गुन्नौर तहसील के जुनावई क्षेत्र में गंगा नदी के तलहटी वाले सर्वाधिक बाढ़ ग्रस्त गांव रघुपुर पुख्ता में सोमवार की दोपहर को गंगा का पानी घुस गया। हालांकि पानी गांव में अंदर प्रवेश न करके स्कूल वाली गली के एक पुलिया से होकर निकल रहा है और मिठनपुर के रास्ते तहसील को जोड़ने वाले लिंक मार्ग पर चल रहा है।

इससे प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को शिक्षण कार्य में दिक्क्त हो सकती है। गंभीर बात यह है कि पहाड़ों पर हो रही बारिश का कहर जारी है और हरिद्वार व बिजनौर से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। इससे ग्रामीणों की मुसीबत और बढ़ सकती है।  


पर्वतीय इलाकों में हो रही भारी बारिश से उफनाई गंगा में हरिद्वार व बिजनौर से अधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने का सिलसिला जारी है। इसके दबाव में रविवार को नरौरा बांध से छोड़े गए 1,47,310 क्यूसेक पानी में सोमवार को वृद्घि हुई और यह बढ़कर सोमवार की शाम सात बजे 1,68,184 क्यूसेक प्रति सेकेंड हो गया।

नरौरा में गंगा का जलस्तर 178.32 मीटर है, जोकि खतरे के निशान (178.76 मीटर) से 40 सेमी नीचे है। गंगा की मुख्य धारा में छोड़े गए 1,56,658 क्यूसेक पानी ने जुनावई के बाढ़ प्रभावित इलाके में दस्तक दे दी है। रविवार को गंगा किनारे की फसलें जलमग्न हो गईं थीं, लेकिन सोमवार को पानी रघुपुर पुख्ता गांव में घुस गया।

पूर्व प्रधान विमल कुमार ने बताया के पानी अभी गांव के प्राथमिक विद्यालय वाली गली में डेढ़ फीट पानी चल रहा है और यह पानी उस लिंक मार्ग की ओर बढ़ रहा है जोकि पिछली बार कट गया था जहां नावों का संचालन हुआ था। अगर पानी कम नहीं हुआ तो सड़क कट जाएगी और नाव चलानी पड़ेंगी।
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गांव के चौब सिंह, धर्मपाल, दिनेश कुमार व विमल कुमार के खेत से होकर पानी गांव की ओर घुसा है। जिनकी फसलें जलमग्न हो गईं है।  
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