संभल। जिला अस्पताल आवारा कुत्तों की आरामगाह बना हुआ है। 10 से 12 कुत्ते जिला अस्पताल के परिसर और बिल्डिंग में घूमते दिखाई दे रहे हैं। इससे मरीजों के साथ तीमारदारों के लिए भी खतरा है। यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेंद्र सैनी का कहना है कि वह शासन और नगर पालिका को कई बार पत्र भेज चुके हैं। जिसमें मांग की थी कि कुत्ते पकड़वाए जाएं।
सोमवार को दूसरी मंजिल पर बनी लैब के नजदीक एक कुत्ता बैठा हुआ दिखाई दिया। इसी तरह इमरजेंसी वार्ड में दो कुत्ते घूमते दिखाई दिए। इसी तरह एक कुत्ता सीढ़ी और कई कुत्ते परिसर में घूमते नजर आए। जिला अस्पताल में हर दिन एक हजार से ज्यादा मरीजों की आवाजाही रहती है। इसमें बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। इसके बाद भी कुत्तों को परिसर और बिल्डिंग में पहुंचने से रोका नहीं जा रहा है।
22 लोगों को लगा एंटी रैबीज इंजेक्शन, 15 लोगों को कुत्तों ने बनाया निशाना
जिला अस्पताल में सोमवार को 22 लोगों को एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाए गए हैं। इसमें 15 लोग कुत्तों के शिकार हुए थे। 7 लोग वह थे जिन्हें बिल्ली या बंदर ने काटा था। गर्मी में कुत्ते ज्यादा आक्रामक हो जाते हैं। इसके बाद भी जिला अस्पताल में कुत्तों पर पाबंदी नहीं लगाई जा रही है। पत्राचार के बाद भी जरूरी कदम नहीं उठाए गए हैं।
शासन के साथ नगर पालिका को कई बार पत्राचार किया जा चुका है कि कुत्तों को अस्पताल परिसर से हटवाया जाए। मरीजों के लिए तो खतरा है लेकिन अस्पताल में लोग खाना आदि खाते हैं तो कुत्ते पहुंच जाते हैं। फिर से पत्राचार किया जाएगा।
डॉ. राजेंद्र सैनी, सीएमएस, जिला अस्पताल।