संविदा महिला कर्मचारी और सीडीओ के बीच हुए वार्तालाप की क्लिपिंग वायरल होने का मामला शुक्रवार को सरकारी हलकों और व्हाट्स ग्रुपों में चर्चा का विषय रहा। इसी मामले में अनुसूचित जाति जनजाति आयोग ने जिलाधिकारी से जांच आख्या तलब की है।
जिलाधिकारी अपनी ओर से एक अधिकारी को नामित करेंगे और उन्हें जांच आख्या के साथ 13 मई को आयोग के समक्ष पेशी के लिए भेजेंगे। आयोग 13 मई को पूर्वाह्न 11.30 बजे लखनऊ के अशोक मार्ग स्थित इंदिरा भवन में अपने कार्यालय पर प्रकरण की सुनवाई करेगा।
इस संबंध में जिलाधिकारी एनकेएस चौहान ने जांच समिति का गठन पहले ही कर दिया है। जिलाधिकारी ने जो जांच समिति बनाई है उसमें तीन सदस्य हैं। समिति के अध्यक्ष अपर जिलाधिकारी बीएन यादव हैं। महिला सदस्य के तौर पर एआरटीओ छवि सिंह चौहान और अनुसूचित जाति के अधिकारी के तौर पर जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी जगदीश सिंह को समिति में शामिल किया गया है।
जिलाधिकारी ने समिति को 1 मई तक जांच आख्या प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं। आख्या देने के लिए समिति दोनों पक्षों के बयान लेगी। जिस अफसर पर आरोप लगे हैं उससे जांच समिति पूरे प्रकरण पर सीधी बातचीत करेगी। उनका बयान रिकार्ड करेगी। शिकायतकर्ता महिला कर्मचारी के बयान भी लिए जाएंगे।