चंदौसी। गीता सत्संग भवन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में मंगलवार को भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया गया। भगवान की बाल लीलाओं को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरा पंडाल श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज उठा।
कथा वाचक शिवशंकर भारद्वाज ने बताया कि वृंदावन में गोपियां बाल कृष्ण को माखन का लालच देकर नृत्य कराया करती थीं। उन्होंने कालिया नाग दमन प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने यमुना में रहने वाले विषैले कालिया नाग के फनों पर नृत्य कर उसके अहंकार का अंत किया और ब्रजवासियों को उसके आतंक से मुक्ति दिलाई। उन्होंने गोपियों के वस्त्र चुराने का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि शास्त्रों में मर्यादाओं का विशेष महत्व है और नग्न होकर स्नान करना वरुण देवता का अपमान माना गया है।
इस प्रसंग के माध्यम से धार्मिक आचरण और मर्यादा पालन का संदेश दिया गया। कथा के समापन पर आरती कर प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर विनय अग्रवाल, मयंक अग्रवाल, अनिल, ओमप्रकाश, गोगी, पिंटू शर्मा, रमेश अधीर, रानी हिमांशी, गौरी, डौली, ममता, दिलीप भगत सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।