गांव पवांसा में बंदरों के आतंक से परेशान होकर गांव में बंदरों को पकड़ने को लेकर बैठक करते ग्राम
- फोटो : bishnah 1
सरायतरीन। गांव पवांसा में बंदरों के आतंक से परेशान ग्रामीणों ने रविवार को बैठक की। कहा कि बंदरों के हमले में कई लोगों की मौत हो चुकी है, बावजूद इसके जिम्मेदार नहीं चेते। ग्रामीणों ने अब आंदोलन करने की रणनीति बनाई है।
गांव पवांसा के निवासी देवांशु राघव ने बताया कि गांव में हजारों की संख्या में बंदर हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। गांव में ग्रामीण और जंगल में किसान बंदरों के आतंक से परेशान हैं। स्कूल जाते हुए छोटे-छोटे बच्चों पर अचानक हमला करके घायल कर देते हैं। सर्दी के मौसम में महिलाएं बंदरों की दहशत को लेकर छत पर भी नहीं जा पाती हैं। आलम यह है कि बंदरों के आतंक से गांव में कई लोगों की जान जा चुकी है।
बंदरों को पकड़वाने के लिए कई बार जिला प्रशासन, वन विभाग और मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब आंदोलन करने की रणनीति तैयार की है। इस दौरान रामवीर सिंह, चंद्र मोहन सिंह, अरविंद कठेरिया, हरिओम पाल, विकास राघव, संजू राघव, डॉ त्रिभुवन सिंह, गोविंद सिंह आदि रहे।