संभल के सरायतरीन में मां के शव को कांधा देते बेटी। अमर उजाला
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ऐसे समाज में जहां बेटा-बेटी में भेदभाव की तमाम कहानियां सामने आती रहती हैं, ऐसे में एक बेटी ने ऐसे अभिभावकों को सोचने पर विवश कर दिया है। सरायतरीन के एक मोहल्ले में जीवित रहने पर मां की देखभाल करने वाली बेटी ने ही मृत्यु के बाद अंतिम यात्रा में कांधा भी दिया।
बाद में उसका अंतिम संस्कार भी किया। इससे पहले अंतिम संस्कार को लेकर उसका भाई से विवाद हो गया, सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद बेटी को अंतिम संस्कार का मौका दे दिया। इस मामले के बाद बेटी को सभी सराह रहे हैं।
सरायतरीन के एक मोहल्ला नवाब खेल निवासी बसंती पत्नी नन्हें अपनी विधवा बेटी प्रेमवती के साथ अलग मकान में रहती थी, जबकि बेटा अलग मकान में रहता था। बेटी ही मां की सेवा करती थी। शुक्रवार को बसंती की मौत हो गई।
मौत की जानकारी पर बेटा पहुंच गया और अंतिम संस्कार के लिए सामान भी मंगा लिया, जबकि बेटी प्रेमवती ने भी अंतिम संस्कार के लिए सामान मंगा लिया था। भाई अंतिम संस्कार करने की जिद पर अड़ गया। इसी बात को लेकर दोनों में नोकझोंक हो गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई।
पुलिस के सामने अंतिम संस्कार करने की जिद चलती रही। बाद में पुलिस ने दोनों पक्षों की वार्ता सुनने के बाद बहन को अंतिम संस्कार करने की इजाजत दी। इसके बाद अंतिम यात्रा में मां के शव को बेटी ने कांधा दिया और अंतिम संस्कार की हर रस्म पूरी की।