संभल। लखनऊ में नाले में गिरकर युवक की मौत के बाद भी पालिका प्रशासन का ध्यान जिले में खुले नालों पर नहीं है। शहर में मुख्य मार्गों पर कई नाले खुले हुए हैं। नालों के पास से ही राहगीरों के अलावा वाहनों से भी लोगों के गुजरते हैं। बारिश होने के बाद शहर में जलभराव की समस्या होती है। ऐसे में राहगीरों के लिए खतरा ज्यादा रहता है।
शहर में मुख्य मार्गों से लेकर गली मोहल्लों से गुजरने वाले नाले खुले हुए हैं। न तो नालों के ऊपर स्लैब पड़े हैं और न ही सुरक्षा को लेकर कोई इंतजाम है। संभल-मुरादाबाद मार्ग पर बिजलीघर के सामने बड़ा नाला खुला हुआ था। नाले में पानी और कचरा भरा रहता है। खास बात है कि यह नाला मुख्य मार्ग के किनारे पर है। इस मार्ग से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं और लाखों लोग गंतव्य की तरफ बढ़ते हैं। इसी तरह यशोदा चौराहा के पास से गुजरने वाले नाले के हालात नजर आए। यह नाला भी खुला हुआ था। चौराहे पर दिन के अलावा रात के समय भी लोगों की भीड़ रहती है। कभी कोई व्यक्ति गिर गया तो हादसा बड़ा हो सकता है।
वहीं मोहल्ला नाला पर भी स्थित नाले की हालत भी ठीक नहीं हैं। इस नाले पर स्लैब या सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है। बहरहाल, यह नाले तो सिर्फ उदाहरण के तौर पर असुरक्षा के माहौल में अनहोनी को दावत दे रहे हैं। शहर के अन्य क्षेत्रों में भी कई नाले खुले हुए हैं और हादसे का अंदेशा बना हुआ है। फिर भी नगर पालिका प्रशासन गंभीर नहीं दिख रहा है। जबकि बारिश होते ही जलभराव की समस्या हो जाती है और ऐसे में हादसे का खतरा बढ़ जाता है।
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जिन स्थानों पर नाले खुले हुए हैं, उन्हें चिह्नित कराया जाएगा। हादसे के अंदेशे को लेकर नालों के ऊपर सुरक्षा का इंतजाम कराएंगे। ऐसे नालों के ऊपर स्लैब आदि की व्यवस्था की जाएगी।
डा.मणिभूषण तिवारी, ईओ, नगर पालिका संभल