बहजोई थाना क्षेत्र के पंवासा में शनिवार की रात को चोरों ने एसबीआई का एटीएम तोड़ दिया। चोरों ने पंवासा चौकी से मात्र सौ मीटर की दूरी पर दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया है। घटना को अंजाम देने से पहले चोरों ने सीसीटीवी फुटेज का केबिल काट दिया था।
सुबह सूचना मिलने पर थाना पुलिस के साथ सीओ चंदौसी व एएसपी कमलेश दीक्षित भी मौके पर पहुंच गए। घटना स्थल का जायजा लिया। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से फिंगर प्रिंट्स लिए हैं। शुक्रवार को रात आठ बजे शाखा प्रबंधक नंदकिशोर बैंक के साथ एटीएम का भी शटर का ताला लगाकर गए थे।
माह के दूसरे शनिवार को अवकाश होने के कारण बैंक नहीं खुला। शनिवार की रात को किसी समय चोरों ने शटर का ताला तोड़ा और एटीएम में घुस गए। इसके बाद उन्होंने एटीएम को भी तोड़ दिया। हालांकि बैंक बंद होने के कारण कैश के बारे में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
सुबह ग्रामीणों ने एटीएम का शटर खुला देखा तो उसके सिक्योरिटी गार्ड को घटना की जानकारी दी। थाना पुलिस मौके पर पहुंची। एएसपी कमलेश दीक्षित व सीओ अभिषेक यादव भी मौके पर पहुंच गए। घटना स्थल का जायजा लिया। एसओजी टीम भी मौके पर पहुंच गई थी। शाखा प्रबंधक नंदकिशोर की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
शाखा प्रबंधक नंदकिशोर के मुताबिक 11 फरवरी को एटीएम में 15 लाख रुपये डाले गए थे। उनका कहना है कि रिकार्ड के मुताबिक उपभोक्ताओं ने एटीएम से सात लाख 62 हजार 400 रुपये निकाल लिए। उन्होंने बताया कि एटीएम में पांच अलग-अलग विंग होती हैं।
एक विंग में हजार रुपये के नोट, दूसरी विंग में पांच सौ रुपये के नोट, तीसरी विंग में 100 तथा चौथी विंग में 50 के नोट लगे होते हैं। पांचवीं विंग में रिजेक्टेड नोट इकट्ठा होते हैं। चोरों ने रिजेक्टेड विंग तोड़ी है। इसी वजह से स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि चोर कितने रुपये चोरी करके ले गए हैं।
बैंक की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़ा हो गया है। एटीएम तोड़ने की घटना के बाद पुलिस ने अपने एक्सपर्ट से सीसीटीवी फुटेज देखने को कहा। सुबह आठ से रात्रि आठ बजे तक की सीसी टीवी फुटेज का रिकार्ड मिल पाया। एक या दो दिन नहीं बल्कि रोजाना की यही फुटेज रिकार्ड में थी।
इससे बैंक सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़ा हो गया। एटीएम के साथ ही उसमें लगा सीसीटीवी कैमरा भी बंद हो जाता है। सीसीटीवी कैमरा चल रहा होता तो शायद चोरों का पता लगाने में आसानी हो जाती। उधर शाखा प्रबंधक नंदकिशोर ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज कभी बंद नहीं होते। चौबीस घंटे चलते हैं।