स्वार(रामपुर)। सब्जी कारोबारी लक्ष्मी नारायण को दो लोगों जीएसटी रजिस्ट्रेशन के बहाने कागजातों का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये की टैक्स देनदारी में फंसा दिया।जानकारी होने पर उन्होंने आपत्ति जताई तो आरोपियों ने घर में घुसकर मारपीट की और सादे कागज पर जबरन हस्ताक्षर करवाने का प्रयास किया। कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नगर निवासी लक्ष्मी नारायण ने बताया कि वर्ष 2020 में नगर के ही पवन सैनी व विनय कुमार ने उसका आधार, पैन, फोटो और मोबाइल नंबर लेकर जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराने के नाम पर शुल्क वसूला था। आरोप है कि दोनों ने अपनी ई-मेल आईडी व मोबाइल नंबर दर्ज कर उसके नाम पर जीएसटी से जुड़ी फर्जी गतिविधियां चलाईं और उसे जानकारी तक नहीं दी गई। पीड़ित ने यह भी बताया कि कोरोना अवधि में जीएसटी कैंसिल कराने की बात कहकर दोनों आरोपितों ने उसे गुमराह किया, जबकि वास्तव में जीएसटी बंद नहीं किया गया।
आरोपियों ने बड़े स्तर पर स्क्रैप कारोबार चलाकर उसके नाम पर करोड़ों की टैक्स देनदारी कर दी। पीड़ित का कहना है कि 2 फरवरी 2023 को एसआईबी मुरादाबाद की टीम जांच के लिए पहुंची, तब मामले का खुलासा हुआ तो उसके होश उड़ गए। उसने शिकायत की तो 25 अक्तूबर को आरोपी उसके घर में घुस आए और गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। साथ ही सादे कागजों व स्टांप पेपर पर जबरन हस्ताक्षर करवाने का प्रयास किया। पीड़ित ने बताया कि जब वह कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए गया तो उसकी रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई। एसपी से भी शिकायत का भी कोई असर नहीं हुआ। इसके बाद उसने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। कोर्ट ने पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश कर दिया है। कोतवाल प्रदीप मलिक ने बताया कि संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर लिया गया है। जांच में जो तथ्य प्रकाश में आएंगे उसके अनुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।