संभल में अल्ट्रासाउंड केंद्र को सील करते चिकित्साकर्मी।
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संभल। महिला ग्राहक को भेजकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भ्रूण की लिंग जांच करने वाले रैकेट का खुलासा किया है। चार लोगों को पकड़ा गया है। रैकेट तक पहुंचने के लिए बनी टीम में हरियाणा, मेरठ, अमरोहा, संभल के सरकारी चिकित्सक और चिकित्सा विभाग के अधिकारी थे। पुलिस का सहयोग लेकर मंगलवार को शाम भ्रूण की जांच कराने वाले दलालों को पकड़ा गया है। संभल के नेशनल अल्ट्रासाउंड एंड डिजिटल एक्सरे सेंटर को सील किया गया है।
हरियाणा में भ्रूण की लिंग जांच में सख्ती होने के बाद वहां के तमाम लोग पश्चिमी यूपी में संचालित रैकेट के जरिये विभिन्न जनपदों के अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर मोटी कीमत देकर भ्रूण की लिंग जांच करा रहे थे। इस पर हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की नजर थी। इसी क्रम में पश्चिमी यूपी के कई जनपदों में छापेमारी की गई। बाकायदा ग्राहक भेजकर रैकेट के सदस्यों को दबोचा गया। यही क्रम मंगलवार को संभल में अपनाया गया। युवती को ग्राहक बनाकर टीम के एक सदस्य ने रैकेट में शामिल अमरोहा के भैंसोली निवासी दलाल से फोन पर संवाद किया। जब संभल स्थित अल्ट्रासाउंड केंद्र भ्रूण की जांच हो गई तब स्वास्थ्य विभाग की टीम और पुलिस ने मिलकर न केवल अल्ट्रासाउंड केंद्र को सील किया। बल्कि उन तीन लोगों को भी पकड़ा है, जिनके जरिए भ्रूण की जांच के लिए 14,000 रुपये में सौदा हुआ था। इसमें सैदनगली के झोलाछाप पति-पत्नी हैं। जो ग्राहक बनी युवती को कार लेकर संभल में अल्ट्रासाउंड केंद्र तक पहुंचे थे। एक व्यक्ति कार का चालक है। टीम ने दो-दो हजार के पांच नोट बरामद किए हैं, यह उसी सिरीज के नोट हैं जिस सिरीज के रुपये जांच के लिए दिए गए थे। एसीएमओ डा. प्रभाकर बंधु ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। इसमें दलाल, कार चालक, अल्ट्रासाउंड केंद्र के प्रबंधक तथा एक महिलाकर्मी को नामजद किया गया है।