संभल। दो दवाएं नशे और नींद के लिए इस्तेमाल हो सकती हैं, उन दवाओं की खरीद और बिक्री पर सरकार की नजर है।
इन दवाओं की खरीद और बिक्री का विवरण नियमित रूप से रजिस्टर में अंकित जाने का नियम है, लेकिन जब इस नियम का उल्लंघन पाया गया तो औषधि एवं प्रसाधन विभाग की टीम ने बुधवार को नखासा थाने में मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। रिपोर्ट दर्ज कराने से पहले मंडल के औषधि निरीक्षकों ने मेडिकल स्टोर में ढाई घंटे तक छानबीन की। बड़ी मात्रा में दवाओं को जब्त किया है। संभल जिले के नखासा थाना क्षेत्र में स्थित रुकनुद्दीनसराय में औषधि एवं प्रसाधन विभाग की बुधवार को दोपहर पहुंची। टीम में शामिल औषधि निरीक्षकों ने वहां पर करीब ढाई घंटे तक शुक्ला मेडिकल एजेंसी में छापेमारी की।
औषधि निरीक्षक नरेश मोहन दीपक ने बताया कि उनकी टीम में औषधि निरीक्षक राजेश कुमार, औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा उनके साथ टीम में थे। टीम के सदस्यों ने मेडिकल स्टोर में चेकिंग की तो जो दवाएं एनडीपीएस एक्ट में कवर होती हैं उन दवाओं की बिक्री और खरीद में भी औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम तथा विभागीय आदेशों का पालन नहीं हो रहा था। मेडिकल स्टोर पर एविल की 56,000 गोलियां मिलीं।
यह दवा कब खरीदी गई और इस दवा की कितनी बिक्री की जा चुकी है। पृथक से इसका कोई ब्योरा नही था। स्पाजमो प्रोक्सीवोन 2424 गोलियां, स्पाजमो प्रोक्सीवोन के 2-2 एमएल वाले 70 इंजेक्शन मिले हैं। एविल साल्ट के 1000 इजेंक्शन भी मिले हैं जिन्हें जब्त किया गया है। इसके बाद मेडिकल स्टोर के संचालकों पर नखासा थाने में औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम तथा एनडीपीएस एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। दवाएं सील करके नखासा थाने में दी गईं हैं। लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
थाना प्रभारी नखासा रविंद्र कुमार ने बताया कि शुक्ला मेडिकल स्टोर के संचालकों में मुनीजर निवासी दीपासराय तथा मोहन चंद्र शुक्ला निवासी कोट के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। मुख्य रूप से लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन का मामला है।