पंजाब नेशनल बैंक के शाखा प्रबंधक भ्रष्टाचार के आरोप में फंस गए हैं। ऋण पत्रावलियां स्वीकृत करने और ऋण भुगतान पर आवेदकों से शाखा प्रबंधक द्वारा एडवांस में कमीशन मांगने की भाकियू (अंबाबता गुट) की शिकायत पर पंजाब नेशनल बैंक की विभागीय विजिलेंस टीम ने सोमवार को गुन्नौर शाखा पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
जिससे बैंक प्रशासन में खलबली मच गई है। आगरा से आई टीम ने सोमवार को आवेदकों व शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज किए। सोमवार को पंजाब नेशनल बैंक की गुन्नौर शाखा में अचानक आगरा से आई विजिलेंस ने पहुंच गई।
शाखा प्रबंधक आनंद स्वरूप पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच शुरू कर दी गई। दरअसल भारतीय किसान यूनियन (अंबाबता) के जिलाध्यक्ष छुट्टन अली ने पीएनबी गुन्नौर शाखा प्रबंधक आनंद स्वरूप के खिलाफ महानिदेशक लखनऊ को शिकायत भेजी थी।
जिसमें बैंक मैनेजर पर सरकारी धन का दुरुपयोग करने, योजनागत ऋण पत्रावलियों में आवेदकों से कमीशन वसूलने, कमीशन नहीं देने पर ऋण भुगतान नहीं देने आदि के आरोप लगाए गए थे। बैंक के महानिदेशक के आदेश पर मामले की जांच विभागीय विजिलेंस को सौंपकर जांच शुरू करा दी गई है।
टीम ने सोमवार को दर्जन भर से अधिक पीड़ित किसानों व ऋण आवेदकों के बयान दर्ज किए। उसके बाद टीम दोबारा से बैंक में गई और कुछ वहां मौजूद खाताधारकों के भी बयान दर्ज किए।
आनंद स्वरूप शाखा प्रबंधक पंजाब नेशनल बैंक शाखा गुन्नौर का कहना है जो लोग भी आरोप लगा रहे हैं, वह निराधार है, मैने किसी से कोई कमीशन नहीं मांगा है। जांच की जा रही है, इसमें वास्तविकता सामने आ जाएगी।