जिले में ग्राम प्रधान और पंचायत सदस्य पद के लिए बुधवार को अधिकतर मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण मतदान हुआ लेकिन संभल ब्लाक के केशोपुर भंडी और कुरकावली गांव में मतदान केंद्रों के बाहर फर्जी मतदान के आरोपों को लेकर बवाल हुआ। मतदान भी प्रभावित हुआ है। यह बात दीगर है कि प्रशासन इस बात को स्वीकार नहीं कर रहा है।
केशोरपुर और कुरकावली में पुलिस ने लाठी फटकार कर स्थिति संभाली। भीड़ को काफी दूर तक खदेड़ा तब कहीं जाकर मतदान सुचारु हो सका। केशोपुर भंडी में सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक मतदान शांतिपूर्ण चला। बीच में हल्की सी नोकझोंक पीठासीन अधिकारी से एक प्रत्याशी की हुई थी।
इस बीच उन पर आरोप लगा था कि वे फर्जी मतदान करा रहे हैं लेकिन मामला शांत हो गया। शाम 3.30 बजे कुछ लोगों ने बूथ संख्या 207 के पीठासीन अधिकारी पर एक बार फिर आरोप लगाना शुरू कर दिया। उसके बाद केशोपुर भंडी के ग्रामीण महिलाओं समेत बूथ के गेट पर पहुंच गए।
उसके बाद धांधली का आरोप लगाते हुए दोबारा मतदान की मांग की। लोग काफी उग्र थे। पुलिस ने पोजीशन ले ली और पीठासीन अधिकारी ने बूथ का दरवाजा बंद कर लिया। ग्रामीण बाहर से दरवाजा पीट रहे थे। आधा घंटे तक हंगामा रहा। एक उप निरीक्षक इनके हाथ जोड़ रहा था। वहीं अफरातफरी मच जाने से मतदान प्रभावित होने लगा।
केंद्र पर तैनात पुलिसकर्मियों ने हालात को संभालने के लिए लोगों को समझाया। पुलिस आने का इंतजार किया। इसी बीच पीठासीन अधिकारी ने सेक्टर मजिस्ट्रेट को फोन किया। सबसे पहले वह पहुंचे लेकिन उनसे हालात काबू में नहीं आए। तब नखासा के थानाध्यक्ष केेके तिवारी पहुंचे।
उन्होंने केंद्र के आसपास खड़े लोगों पर लाठी चलाई, जिससे भगदड़ मच गई। इसके बाद गुस्साए लोगों ने पथराव कर दिया। इसी बीच जोनल मजिस्ट्रेट आए और इसके बाद एडीएम और एएसपी भी पहुंचे। अधिकारियों ने बवाल कर रहे ग्रामीणों को खदेड़ा और गांव का भ्रमण किया। इसके बाद सुचारु तरीके से मतदान कराया।
इससे पूर्व कुरकावली गांव में दोपहर दो बजे के करीब एक लड़की वोट डालने जा रही थी। तभी दूसरे प्रत्याशी के समर्थक ने उसे नाबालिग बताकर कहा कि वोट डालने क्यों जा रही है। इस पर तीखी प्रतिक्रिया हुई और मारपीट के बाद पथराव हो गया। एडीएम डा. एसएन सिंह और एएसपी कमलेश दीक्षित मौके पर पहुंचे। पुलिस ने लोगों को खदेड़ा। इसके बाद शाम तक शांतिपूर्ण तरीके से मतदान हुआ।