पंचायत चुनाव के तीसरे चरण के मतदान के दौरान गुन्नौर ब्लाक के चार गांवों में बवाल हुआ है। सबसे अधिक बवाल गोठना में मतदान संपन्न होने के बाद करीब 4.45 बजे उस वक्त हुआ जब मतपेटियां बंद की जा रहीं थीं। अचानक एक प्रत्याशी के समर्थकों ने ने दूसरे प्रत्याशी के घरों पर पथराव कर दिया।
रोकने पर दबंगों ने फायरिंग कर दी। गांव में अफरातफरी मच गई। गांव में जब पुलिस पहुंची तो हमलावर भाग गए। कुछ अन्य जगहों पर भी हंगामा हुआ, जिससे पुलिस ने लाठियां फटकार कर निपटा दिया। सबसे पहले 1.30 बजे फरीदपुर गांव में फायरिंग की गई। फायरिंग से दहशत फैल गई। कुछ देर तक मतदाता नहीं निकल पाए।
जब डीएम एसपी मौके पर पहुंचे तब लोगों का भय कम हुआ और मतदान ने रफ्तार पकड़ी। पुलिस ने एक पक्ष से पूर्व ब्लाक प्रमुख अशोक यादव उर्फ पप्पू को मौके से पकड़कर कोतवाली गुन्नौर पुलिस के हवाले कर दिया। वह दिन भर गुन्नौर पुलिस की हिरासत में रहे। उनके बेटे के खिलाफ फायरिंग करने का मुकदमा दर्ज कराया गया है।
पूर्व ब्लाक प्रमुख के बेटे आशीष उर्फ हनी सिंह को नामजद किया गया है। हनी सिंह को पकड़ने के लिए पुलिस देर रात्रि तक दबिश देती रही लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी। इस घटना में सतीश पुत्र नत्थू घायल हैं। उनके पैर में गोली के छर्रे लगने की खबर है। जबकि पूर्व ब्लाक प्रमुख का कहना है कि जिन लोगों ने एफआईआर लिखवाई है(
वे जिला बदर रहे हैं। दहशत फैलाने के लिए उन्होंने गोलियां चलवाईं और इसके बाद फर्जी चोट बनाकर मेडिकल कराया और मुकदमा दर्ज करा दिया। धनारी थाना क्षेत्र के गांव कीरतपुर में मतदान केंद्र की ओर आ रहे मतदाताओं को रोकने के लिए गोली चलाई गई। हालांकि कोई घायल नहीं हुआ लेकिन घटना से दहशत फैल गई थी।
गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के दो प्रत्याशियों के समर्थक आपस में भिड़ गए। पहले पथराव हुआ फिर फायरिंग हुई। यह घटना पोलिंग बूथ से 200 मीटर के दायरे में हुई। पुलिस नहीं होती तो बवाल बढ़ जाता। इस घटना से मतदान कुछ देर के लिए प्रभावित रहा है लेकिन प्रशासन का इससे इनकार है। डीएम और एसपी का कहना है कि मतदान कहीं प्रभावित नहीं हुआ क्योंकि सभी घटनाएं मतदान केंद्रों से दूर हुई हैं। पुलिस मौके पर तैनात थी इसलिए बवाल थम गया था।