निकाह के लिए नाजायज दबाव बनाए जाने पर नर्सरी मालिक उम्मीद खां की हत्या उसकी ही प्रेमिका ने कराई थी। प्रेमिका और उसकी सगी बहन के साथ दो युवक और इस हत्याकांड में शामिल हुए। अवैध संबंधों में नफरत पैदा होने के बाद उसे मौत के घाट उतारा गया था। पुलिस ने दो सगी बहनों समेत चारों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।
अमरोहा जिले के गजरौला थाना क्षेत्र स्थित गांव लिसड़ी बुजुर्ग निवासी शादीशुदा उम्मीद खां की हत्या 22 अक्तूबर को संभल जिले के नखासा थाना क्षेत्र में गैलुआ गांव के पास गला दबाकर की गई थी। मौत के बाद उसकी ही लग्जरी गाड़ी में लाश को छोड़कर अभियुक्त फरार हो गए।
गांववालों ने गाड़ी में लाश देखी तो नखासा थाने की पुलिस को इत्तला दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो मौके पर गाड़ी में एक लेटरहेड मिला जिससे उम्मीद खां की शिनाख्त हुई। मोबाइल फोन पर लास्ट काल एक लड़की की मिली। पुलिस ने जब काल डिटेल के आधार पर छानबीन की तो साफ हुआ कि वह लड़की कोई और नहीं उम्मीद की प्रेमिका नगमा है जो अमरोहा जिले के बावनखेड़ी गांव की है।
पुलिस ने जब उसे ट्रेस किया तो केस खुलता चला गया। नगमा और उसकी सगी बहन सायमा के साथ उम्मीद खां की नर्सरी में काम करने वाले लिसडई गजरौला निवासी अबरार और उसके दोस्त गौरव को गिरफ्तार किया गया। गौरव अमरोहा जिले के गजरौला थाना क्षेत्र स्थित छोया का निवासी है।
अभियुक्तों से हुई पूछताछ के हवाले से पुलिस अधीक्षक अतुल सक्सेना ने बताया कि उम्मीद और नगमा के बीच एक वर्ष से संबंध थे। उम्मीद ने नगमा पर निकाह के लिए दबाव बनाया। नगमा ने इनकार किया। दोनों में तकरार हुई और नगमा ने उसे खत्म करने की ठान ली।
इसके बाद अपनी सगी बहन सायमा के प्रेमी अबरार तथा अबरार के दोस्त गौरव को षड्यंत्र में शामिल किया। इसके बाद निकाह करने का झांसा देकर नगमा और सायमा ने उम्मीद को बुलाया। उम्मीद खां अपनी लग्जरी कार लेकर इनके बुलाने पर हसनपुर पहुंचा।
सायमा और नगमा के साथ अबरार कार में बैठ गए। गौरव बाइक पर पीछे पीछे चला। जब कार हसनपुर रहरा मार्ग पर थी तभी ग्राम चितावली के पास सड़क के किनारे गाड़ी रोककर यह लोग आपस में बातें करने लगे। बाइक खड़ी करके गौरव भी कार में सवार हो गया।
इसी बीच सभी ने उसकी दुपट्टे से गला दबाकर उम्मीद की हत्या कर दी। इसके बाद चारों फरार हो गए। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त बाइक और दुपट्टा बरामद किया है। हत्याकांड का खुलासा करने में शामिल नखासा के थाना प्रभारी केके तिवारी और एसओजी प्रभारी संतोष त्यागी समेत पूरी टीम को 5000 रुपये ईनाम देने की घोषणा की गई है।