जिला मुख्यालय के लिए रहमापुर के गैरआबाद मजरे में जमीन देखी जा चुकी है। उन खेतों का नंबर और नक्शा बना लिया गया है जहां पर डीएम और एसपी के कार्यालयों के साथ साथ कलेक्ट्रेट और पुलिस कार्यालय की स्थापना की जानी है। प्रस्तावित जमीनों के नक्शों का मंडलायुक्त के समक्ष कंप्यूटर के माध्यम से पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन किया जाएगा।
संभल जिले का जिला मुख्यालय पंवासा में तय किया गया है। पंवासा के दो गैरआबाद मजरे हैं जहां पर जिला मुख्यालय बनाया जाना प्रस्तावित है। जिला मुख्यालय के लिए जमीन तलाशने का काम 15 दिन से चल रहा है। इसमें चकबंदी विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी संयुक्त तौर पर लगे हुए हैं।
रहमापुर के रकबे में पुलिस कार्यालय के करीब में ही पुलिस लाइन बनाने का प्रस्ताव है। यदि कोई आपत्ति नहीं हुई तो रहमापुर में पुलिस लाइन और पुलिस आफिस आसपास ही कलेक्ट्रेट बनेगी। अन्य सरकारी जिला स्तरीय कार्यालयों के लिए जंगलपुर में जमीन देखी गई है।
जंगलपुर मजरे की जमीन में सीएमओ कार्यालय, जिला अस्पताल, जिला स्तरीय अदालतें बनाने का प्रस्ताव है। जमीन संबंधी प्रस्तावों के संबंध में निर्णय लिए 11 जनवरी को दोपहर 12 बजे बैठक होगी। बैठक में मंडलायुक्त आएंगे। जिला मुख्यालय और उससे संबंधित कार्यालय बनाए जाने के संबंध में इसी बैठक में जमीनों का चयन किया जाएगा।
जमीन का सर्किल रेट इन गांवों में 37 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर है। यदि किसी किसान की एक हेक्टेयर जमीन ली गई तो उसे सर्किल रेट का चार गुना कीमत मिलेगी। यानी एक हेक्टेयर जमीन पर किसान 1.48 करोड़ रुपये मिलेंगे। पंवासा में एक हेक्टेयर जमीन में करीब 16 बीघे बनते हैं, यानी किसान को एक बीघा जमीन की कीमत 8 लाख रुपये से अधिक मिल सकती है। जमीन अधिग्रहण का अब कोई नियम नहीं है। जमीन सिर्फ बैनामे के माध्यम से खरीदी जाएगी।