फतेहपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो के
किनारे खड़ी महिला की शॉल तेजी से गुजर रही राजधानी एक्सप्रेस में फंस गई।
इससे महिला गिरकर ट्रेन की चपेट में आई और उसके चीथड़े उड़ गए।
हादसे
में जान गंवाने वाली सावित्री देवी (48) बांदा जिले के चिल्ला थाना क्षेत्र
के डिगवट गांव निवासी शंभूदयाल की पत्नी थीं। शंभू दयाल कई साल से दिल्ली
में नौकरी करते हैं।
इन दिनों तबियत खराब होने से उन्होंने सावित्री को
अपने पास बुलाया था। दिल्ली जाने के लिए सावित्री देवी पहले अपने मायके
ललौली थाना क्षेत्र के राशि का डेरा आई थीं।
यहां से शनिवार रात रीवा
एक्सप्रेस पकड़ने के लिए भाई बच्चीलाल और बहन रेखा के साथ फतेहपुर रेलवे
स्टेशन पहुंची और प्लेटफार्म दो पर खड़ी होकर ट्रेन का इंतजार कर रही थीं,
तभी अचानक तेज रफ्तार से राजधानी एक्सप्रेस आई।
सावित्री संभल पातीं इससे
पहले ही उनकी शॉल ट्रेन में कहीं फंस गई। कई चक्कर खाते हुए सावित्री गिरीं
और उनके शरीर के कई हिस्से दूर-दूर तक छिटक गए। ट्रेन गुजरने के बाद महिला
का क्षत-विक्षत शव काफी दूर बरामद हुआ।
शव देखकर परिजन चीख पड़े। सूचना पर
जीआरपी पुलिस मौके पर पहुंची। मृतका के भाई ने बताया कि चार बेटियों में
एक शकुंतला की शादी हो चुकी है जबकि तीन बेटियां राधा, शानू, संध्या
अविवाहित हैं। उसके दो बेटे संतराम और अरुण हैं।