सुन्नी उलेमा पीर सय्यद तालिब हुसैन के अपमान पर आक्रोश है। आक्रोशित लोगों ने करीब आधा घंटे तक जाम लगाकर प्रदर्शन किया। पुलिस और प्रशासन अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जाम खुलाया। ऑल इंडिया उलमा मशाइख बोर्ड के बैनर तले एक बड़ा जुलूस निकाला गया। एसडीएम व सीओ को ज्ञापन सौंप कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
मदरसा अजमल उलूम मोहल्ला ठेर में उलेमा एकत्र हुए। इसके बाद कारी अलाउद्दीन के नेतृत्व में मौन जुलूस शुरू हुआ। जुलूस प्रमुख मार्गों से होता हुआ एसडीएम कार्यालय पर पहुंचा। जुलूस में शामिल उलेमाओं ने कहा कि हसनपुर रोड स्थित इमादुल मुल्क पर बच्चों को पढ़ाते वक्त उलेमा पीर सय्यद तालिब का अपमान किया गया।
इस मामले में सपा के जिला उपाध्यक्ष कैसर नवाज तथा कुछ अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। आरोप था कि वहाबी मसलक के लोगों ने मारपीट की है। प्रशासन इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। चुनिंदा उलेमाओं ने तकरीर की।
मशाइख बोर्ड की ओर से जिला सचिव शकील अहमद ने अपनी विज्ञप्ति में बताया कार्यक्रम में शहर मुफ्ती कारी अलाउद्दीन, मशाइख बोर्ड के जिला सदर वसी अशरफ, मौलाना मुफ्ती सिरसी आलम रजा खां नूरी, मौलाना तंजीम अशरफ, कारी गुलजार, मौलाना अशरफ, शहजाद आलम, कारी मुशाहिददुल इस्लाम, कारी कमाल, मौलाना जियाउल मुस्तफा, मौलाना नूर आलम, कारी अनीस अहमद, मुफ्ती अशफाक, मौलाना अब्दुल कयूम, मौलाना तौहीद की भागीदारी रही।