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हिंदू युवक ने किया धर्म परिवर्तन, बौद्ध धर्म अपनाया

Tue, 23 Feb 2016 01:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला चंदौसी
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संत रविदास जयंती के अवसर पर सोमवार को मौलागढ़ के डा. भीमराव अंबेडकर पार्क में युवक ने हिंदू धर्म को छोड़कर विधि विधान से बौद्ध धर्म अपना लिया। बौद्ध भिक्षुओं से दीक्षा ली। उसका नाम कल्याणदास से भंते कल्याण मैत्रेय रख दिया गया है।
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मुरादाबाद जिले की तहसील बिलारी क्षेत्र के गांव उदयपुर नरौली निवासी रामलाल की तीन संतानें हैं। बड़ी बेटी शांति देवी और बेटे कुबेर सिंह की किसान रामलाल ने शादी कर दी। छोटे बेटा साधूवेषधारी कल्याण दास का कहना है कि उन्होंने करीब 12 वर्ष पहले सन्यास ले लिया। धर्म को जानने के लिए साहित्य पढ़ा।


हिंदू धर्म में धर्म और जाति के नाम पर असमानता और ऊंच नीच के भाव ने मन को आहत किया। बौद्ध धर्म के बारे में पढ़ा, गहराई में जाने पर वाणी, प्रवचन, कर्मभाव और दीक्षा से प्रभावित हुए। भंते थेरोपानंद का साथ मिला। चंदौसी के पथरा स्थित अंबेडकर पार्क में पिछले आठ माह से बौद्ध शिक्षा देने का कार्य शुरू किया।
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बच्चों को बौद्ध धर्म के बारे में बताया। मन में बस चुके बौद्ध धर्म को संत रविदास जयंती के मौके पर दीक्षा के साथ ग्रहण कर लिया। भंते आनंद मैत्रेय ने कल्याण दास को धम्म दीक्षा दी। धम्म दीक्षा के बाद कल्याण दास को जीवर पहनाकर श्रमनेर भिक्षु बनाया गया।


नामकरण करते हुए भंते कल्याण मैत्रेय नाम दिया गया है। खीर का प्रसाद वितरित कराया गया। हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म में अपनी आस्था रखने वाले कल्याण दास से जब पूछा गया कि उन्होंने आज का ही दिन क्यों चुना है। उन्होंने जवाब दिया कि आज माघ पूर्णिमा और संत रविदास जयंती है।


शुभ अवसर पर बौद्ध धर्म ग्रहण कर समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने का प्रण लिया है। उनसे जब इस बाबत पूछा गया कि ग्रह नक्षत्र, शुभ अशुभ घड़ी, माघ पूर्णिमा में आस्था आदि सबकुछ तो हिंदू धर्म से जुड़ी हुई हैं। क्या अभी भी हिंदू धर्म आपको प्रभावित कर रहा है। इस पर वह सकपका गए। उन्होंने कहा संत रविदास जयंती पर शुभ कार्य किया है।
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