हर तरफ लोग सिक्के लेकर घूम रहे हैं, बैंकों में जमा करने को चक्कर लगा रहे है। हालांकि सभी प्रमुख बैंक कह रहे हैंकि सिक्कों को बंद करने या नकली होने संबंधी भारतीय रिजर्व बैंक या उच्चाधिकारियों का कोई आदेश नहीं मिला है, यह सिर्फ अफवाह है।
बाजार हो या बैंक, हर तरफ लोग दस रुपये के सुनहरे सिक्के लेकर घूम रहे है। वर्षो से लोगों ने ब़डी संख्या में यह सिक्के जमा कर रखे थे, क्योंकि यह सिक्के देखने में आकर्षक लगते हैं। शादी ब्याह बारातों के दौरान या उपहार देने में रौनक बनते हैं। सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल हुआ कि जिसमें 'र' के नीचे 10 लिखा हुआ तथा उसके ऊपर लगे दस चिह्नों वाला सिक्का असली है, बिना 'र' लिखा सिक्का नकली है। जिससे बाजार में खलबली मच गई।
दुकानदारों ने यह सिक्के लेने से इनकार कर दिए। आलम यह हो गया कि जिले में आज यह सिक्के प्रचलन से बाहर हो गए हैं, जबकि कहीं से भी बंद होने की अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
बाजार में दस रुपये के सिक्कों के नहीं लिए जाने की सूचनाएं तो मिल रही है लेकिन आरबीआई या किसी अधिकारी ने इस बाबत कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किए हैं। सिक्के भारतीय मुद्रा है, इसे कोई दुकानदार लेने से मना नहीं कर सकता।
-गौरी शंकर यादव, वरिष्ठ प्रबंधक प्रथमा बैंक, चंदौसी।
-यह सिर्फ लोगों का बहम है, सोशल मीडिया पर किसी इस तरह का शायद कोई मैसेज वायरल कर दिया है, जबकि भारतीय रिजर्व बैंक या किसी बैंक के किसी उच्चाधिकारी द्वारा ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है। भारतीय मुद्रा को कोई भी लेने से इनकार नहीं कर सकता है। बैंक सिक्के ले रहे हैं। -अंकुर गुप्ता, वरिष्ठ प्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक, चंदौसी
-सिक्के नकली होने या बंद करने संबंधी किसी तरह का कोई आदेश बैंक को नहीं मिला है।
जब कोई नोट या सिक्का बंद किया जाता है तो पहले आरबीआई गाइडलाइंस जारी करता है, बैंकों में उसे जमा कराता है, इसलिए समय सीमा निर्धारित की जाती है। सिक्को के प्रति बाजार में भ्रम फैलाया जा रहा है, इससे चिंतित न हो। -पीके अग्रवाल, वरिष्ठ प्रबंधक पंजाब नेशनल बैंक चंदौसी।
-यह सिर्फ अफवाह है और कुछ नहीं है। भारतीय करेंसी को कोई भी लेने से इनकार नहीं कर सकता। लोगों को ऐसी अफवाहों से बचना चाहिए। यदि सिक्का नकली होता या फिर बंद किया जाता है तो आरबीआई पहले से ही गाइड लाइंस जारी करती। -अनिल सक्सेना, कार्यवाहक शाखा प्रबंधक बैंक ऑफ बड़ौदा, चंदौसी।