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संभल के सराय तरीन की बटन फैक्ट्री में लाखों का डाका

Tue, 23 Oct 2018 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ संभल
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मौके पर जांच करती टीम। - फोटो : amar ujala
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संभल। हयातनगर थाना क्षेत्र की अब्बास कालोनी में रविवार को रात नकाबपोश डकैतों ने मोहम्मद अफजाल उर्फ भूरा की बटन फैक्ट्री में डाका डाल दिया। डकैत निर्यात किया जाने वाला लगभग पंद्रह क्विंटल कीमती बटन ले गए। कारखाना स्वामी के अनुसार बटन का मूल्य करीब 44 लाख रुपये है। जाते-जाते बदमाश फैक्ट्री के  दो कारीगरों के हाथ-पैर बांधकर उन्हें कमरे में बंद कर गए। सोमवार को सुबह पौने आठ बजे फैक्ट्री मालिक वहां पहुंचे तो उनको वारदात की जानकारी मिली।
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सरायतरीन निवासी मोहम्मद अफजाल उर्फ भूरा ने पुलिस में अपने कारखाने में हुई वारदात की रिपोर्ट दर्ज कराई है। लूट में दर्ज की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि  मेसर्स तलहा इंपैक्स के नाम से सींग से बटन बनाने  का कारोबार करते हैं। उनके  पीलाखदाना में दो गोदाम हैं। जिस गोदाम में वारदात को अंजाम दिया गया उसमें मोहसिन और फैजान नाम के दो वर्कर एक ही चारपाई पर सो रहे थे। रात लगभग दो बजे के बाद  छत के रास्ते बदमाश आ धमके। जैसे ही मोहसिन आहट पाकर जागा तो तमंचा तान कर बदमाशों ने उससे मेन गेट की चाबी मांगी। न देने पर उन्हें पीटते हुए फायर झोंक दिया। मोहसिन घायल हो गया। विरोध पर हाथ और पैर बांध दिए। बदमाश निर्यात के लिए रखे लगभग 44 लाख रुपये के 1475 किलोग्राम सींग के बटन की बोरियों को ढो ले गए। अपर पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि रास्तों में लगे सीसीटीवी कैमरे की रिकार्डिंग खंगाली गई है। किसी भी रिकार्डिंग में गोदाम की ओर वाहन के आने-जाने की पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। मामले की जांच चल रही है। 

बकरीद से पहले चोरी गए थे 3-4 लाख के बटन                               
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बकरीद से पहले फैक्ट्री में सात आठ लाख रुपये के बटन ताले तोड़कर चोरी किए गए थे। इसके बाद ही उन्होंने गोदाम में कारीगरों को रखना शुरू कर दिया लेकिन  इसके बाद भी डकैती हो गई। बदमाश 60-70 लाख के बटन लेकर गए हैं। अब सुरक्षा पर सवाल है। मोहम्मद अफजाल उर्फ भूरा, फैक्ट्री मालिक।

एफआईआर में बदमाशों की संख्या नहीं लिखी
संभल। लूटपाट में दर्ज की गई प्राथमिकी में पुलिस ने बदमाशों की संख्या नहीं लिखी है। कारखाना स्वामी के अनुसार बदमाशों की संख्या 10-12 थी। मामले को हल्का करने के लिए पुलिस पहले तो जांच के नाम पर एफआईआर दर्ज करने से बचती रही, बाद में लूट में मामला दर्ज किया गया। 
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