मोहल्ले में मंगलवार को सुबह नौ बजे हुई घटना की कुछ ऐसी ही सूचना पर कोतवाली पुलिस को मिली। पुलिस पहुंची तो परिजन मौके से फरार थे। शक के आधार पर मासूम के मामा को पुलिस ने कोतवाली में बैठा लिया है। पूछताछ की जा रही है।
नगर के एक मोहल्ला निवासी में तीन भाई रहते हैं। मोहल्ले वालों ने बताया कि इनमें एक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। उनकी एक बहन की डेढ़ साल पहले बुलंदशहर के एक कस्बे से शादी हुई थी। सोमवार की शाम वह अपने चार माह के मासूम बेटे के साथ मायके दवा लेने आई थी।
कोतवाली पुलिस को किसी ने सूचना दी कि मंगलवार को सुबह नौ बजे उसके भाई (जिसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है) ने अपने चार माह के भांजे को पटक कर मौत के घाट उतार दिया है। घटना के बाद आनन फानन में परिजन मासूम को दफनाने के लिए जा रहे थे तो मोहल्ले वालों ने पूछताछ की, तभी मामले की जानकारी हुई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शक के आधार पर आरोपी को पकड़ लिया है। बाकी परिजन मौके से फरार हो गए हैं। लेकिन ना तो मासूम का शव मिला है और ना ही उसकी मां व अन्य परिजन। कोई तहरीर भी नहीं है।
पुलिस को तहरीर का इंतजार, जांच के नाम पर जीरो
चंदौसी(ब्यूरो)। प्रभारी निरीक्षक इंद्रेश सिंह चाहर ने बताया कि घटना की तहरीर नहीं मिली है। हालांकि शक के आधार पर मासूम के मामा को पकड़ा गया है। उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं लग रही है। वह कुछ बता नहीं रहा है। तहरीर मिलने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। अब बड़ा सवाल यह है कि यदि मासूम की हत्या हुई है, तो शव कहां है ? लेकिन हालात यह हैं कि पुलिस कार्रवाई के नाम पर केवल मासूम के मामा को कोतवाली ले आई। मांस के कतरे नालियों में बहते दिखे। पुलिस कोतवाली में तहरीर का इंतजार करती रही।