आनन-फानन परिजन घायलों को उपचार के लिए अपने साथ ले गए। इस बीच करीब 20 मिनट तक मौके पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। परिजनों ने इस पूरी अव्यवस्था पर मेला कमेटी व पुलिस प्रशासन पर निशाना साधते हुए जिम्मेदार ठहराया।
मंगलवार को पुराना बाजार रामलीला मेला रोज की तरह चरम पर था। रात नौ बजे करीब मेले में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक बैल बेकाबू हो गया और मेले की ओर भाग पड़ा। बैल को दौड़ता देख मेले में भगदड़ मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे। सबसे अधिक मुसीबत महिलाओं व बच्चों को रही।
भीड़ अधिक होने के कारण इन्हें भागने को जगह नहीं मिल पा रही थी। करीब 20 मिनट तक बेकाबू हुए बैल का उपद्रव रहा। इसके बाद मेले के दो-तीन चक्कर काटकर बेकाबू बैल मेले से निकल गया। इस बीच हसनपुर निवासी साजो और गांव किरारी निवासी कालीचरण की पत्नी तारावती समेत कई लोग घायल हो गए। घायल महिला गांव हसनपुर निवासी साजो के परिजनों का कहना था कि इतना बड़ा मेला है, कम से कम मेला कमेटी को सुरक्षा व्यवस्था के कुछ तो इंतजाम करने चाहिए थे।