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संदिग्ध हालात में गायब हुए युवाओं का ब्योरा खंगाल रहा खुफिया तंत्र

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संभल। एक जमाना था जब लोगों के आईडी प्रूफ नहीं होते थे न आधार कार्ड बनता था न ही पहचान पत्र की हर जगह जरूरत थी। तब संभल से कुछ युवक संदिग्ध हालात में गायब हो गए थे। इनके बारे में कोई गुमशुदगी भी दर्ज नहीं कराई गई है।
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इन युवकों के बारे में पुलिस और खुफिया तंत्र के पास जानकारी है और पुलिस अपने तरीके से खोजबीन कर रही है। युवकों के करीबी लोगों से बातचीत की जा रही है। उनसे यह जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है कि युवक अब कहां है। कहा तो यह जा रहा है कि युवक आतंकी नेटवर्क का हिस्सा बन चुके हैं लेकिन पुलिस और खुफिया तंत्र की खोजबीन उनकी गतिविधियों के साथ उनके संभल से कनेक्शन को तलाश रही है।
संभल अतीत में सांप्रदायिक तौर पर संवेदनशील रहा है। इसके बाद कुछ लोगों की वजह से संभल का नाम अलकायदा से जुड़ा था। यह भी कहा जा रहा है कि अलकायदा से संभल का नाम जुड़ने के बाद संभल के एक दो युवक इधर-उधर हो गए हैं।
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इस बारे में छानबीन के लिए पुलिस और खुफिया तंत्र के कान खड़े हैं। हर छोटी बड़ी बात को गंभीरता से लिया जा रहा है। लेकिन अधिकारी इस बारे में बातचीत से परहेज कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि खुफिया तंत्र और पुलिस की अपनी गोपनीय कार्यप्रणाली होती है।
इसमें तब तक कुछ कहना मुनासिब नहीं है जब तक कोई पकड़ा न जाए। इस संबंध में पुलिस अपने पास आई सूचनाओं का विश्लेषण करती है और हकीकत में पुष्टि होने पर कार्रवाई अमल में लाई जाती है।
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