संभल/बबराला। पहाड़ों पर बर्फबारी से मैदानी इलाकों में ठिठुरन बढ़ रही है। बर्फीली हवाओं के कहर से धूप की तेजी भी कम हो रही है। सर्दी के सितम ने लोगों की कंपकंपी छूट रही है। दोपहर में निकली धूप भी लोगों को राहत नहीं दे सकी। अब ठिठुरन भरी कड़ाके की ठंड में अलाव और गर्म कपड़े ही एक मात्र सहारा हैं। सुबह-शाम तापमान गिरने से दिनचर्या पर भी असर पड़ा है।
जिले में तीन दिन से कड़ाके की ठंड का कहर लगातार जारी है। शुक्रवार की शाम से चली बर्फीली हवाएं कंपकंपी छुड़ा रही है। रात को पारा लुढ़कने से सुबह की ठंड इतनी बढ़ जाती है कि सूर्य निकलने के बाद भी ठंड से राहत नहीं मिलती।
लिहाजा ठहरे जन-जीवन के चलते स्वास्थ्य पर विपरीत असर न पड़े इसके लिए लोग गर्म कपड़ों और अलाव का सहारा ले रहे हैं। दो दिन की ठंड के बाद रविवार को मौसम में कोई बदलाव नहीं आया और 12 बजे तक धूप के दर्शन नहीं हुए।
एक बजे के बाद निकले सूर्यदेव ने लुका-छिपी का खेल खेला। जिसकी धूप से ठंड में राहत नहीं मिली। ठंड के चलते लोग देरी से जागे। शहर के बाहरी इलाकों में हल्का कोहरा छाया हुआ था। ठंड से बचने के लिए बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक गर्म कपड़े पहने हुए निकले। अधिकांश लोग हीटर, ब्लोअर पर गरमाई लेते दिखे। सड़कों पर भी सन्नाटा पसरा रहा।