संभल। बिजली विभाग के संभल डिवीजन में अप्रैल में बीस करोड़ रुपये की बिजली आपूर्ति दी गई लेकिन बदले में विभाग मई में सिर्फ साढ़े सात करोड़ रुपये वसूल सका। इस स्थिति को लेकर बिजली विभाग परेशान है। संभल में कम वसूली के लिए बिजली चोरी को मुख्य कारण माना जा रहा है। इसलिए अब चोरी रोकने और वसूली बढ़ाने की रणनीति तय की गई है।
बिजली विभाग ने चोरी रोकने के लिए छापे और चेकिंग का निर्णय लिया है जबकि वसूली बढ़ाने के लिए बड़े बकायेदारों की सूची बनाई है। सूची में एक लाख रुपये से अधिक के 100 बकायेदारों के नाम लिखे जा चुके हैं। जबकि 250 ऐसे उपभोक्ताओं की सूची भी बनी है जिनका बकाया दस हजार से एक लाख रुपये के बीच है। इन साढ़े तीन सौ उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटने के लिए टीम जाएगी।
अगर तत्काल बिजली का बकाया जमा करते हैं तो कनेक्शन जारी रहेगा। अन्यथा कनेक्शन काटकर विभाग केबिल जब्त करेगा। बिजली विभाग के मुख्यालय ने इस संबंध में दिन प्रतिदिन अभियान की आख्या भी मांगी है।
इसलिए किसी तरह की लापरवाही नहीं चल सकेगी। जब कम वसूली और बिजली चोरी पर अधिशासी अभियंता विजय कुमार यादव से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि संभल में समय से बिल जमा नहीं हो सके।
रायसत्ती और चौधरी सराय के फीडरों पर चोरी अधिक है। इसलिए विभाग के मुख्यालय ने चोरी रोकने और बड़े बकायेदारों की बिजली काटने के आदेश दिए हैं। इसके लिए अभियान अब शुरू किया जा रहा है। इससे काफी वसूली बढ़ने की संभावना है।