चंदौसी। न्यायालय ने थाना हयातनगर क्षेत्र में जून 2020 को नाबालिग को बहला फुसला कर भगा ले जाने और दुष्कर्म करने के मामले में एक दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 58000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) / अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह के न्यायालय में हुई।
वादी पीड़ित पिता ने 24 जून 2020 को एक तहरीर थाना हयातनगर पुलिस को दी थी। इसमें बताया कि 19 जून 2020 की रात साढ़े तीन बजे करीब उसकी 15 वर्षीय पुत्री को पंकज व उसके दो साथी गुड्डू व बबलू उर्फ कालिया बहला फुसला कर ले गए। उसकी लड़की घर पर रखे 15 हजार रुपये नकद व 50 हजार रुपये कीमत की सोने चांदी की चीजें अपने साथ ले गई।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी। पुलिस ने लड़की को बरामद कर लिया और मेडिकल के लिए भेजा। लड़की ने बताया कि पंकज ने उसके साथ गलत काम किया। पुलिस ने बहला फुसला कर भगा ले जाने, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत पंकज के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया।
मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह के न्यायालय में हुई। अभियोजन पक्ष से विशेष लोक अभियोजक आदित्य कुमार सिंह ने साक्ष्यों के आधार पर दलीलें पेश कीं। न्यायालय ने पंकज को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 58000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।