जिले में प्रस्तावित 33/11 केवी के तीन नए विद्युत उपकेंद्रों में से कमालपुर और वहापुर देहात में निर्माण कार्य शुरू हो गया है। ततारपुर में भी जल्द काम शुरू होने वाला है। पूर्व में टेंडर रद्द होने की वजह से निर्माण कार्य में देरी हुई है। विभाग का तीन महीने के अंदर कार्य पूरा करने का दावा है। इससे बहजोई और ऐंचोड़ा कंबोह उपकेंद्र का लोड कम होगा। लोगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलेगी। जिले के कई उपकेंद्र ऐसे हैं, जो अतिरिक्त भार की समस्या से जूझ रहे हैं। इनमें बहजोई और एंचोड़ा कंबोह विद्युत उपकेंद्र भी शामिल है, जोकि अपनी क्षमता से अधिक बिजली सप्लाई कर रहे हैं। ऐसे में इन उपकेंद्रों से पोषित क्षेत्रों में ओवरलोड के कारण ट्रिपिंग और लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती है। सबसे ज्यादा परेशानी गर्मियों में होती है। उपभोक्ताओं को शेड्यूल के हिसाब से बिजली सप्लाई नहीं मिलती। मजबूरी में विभाग कटौती कर अलग-अलग फीडर को सप्लाई उपलब्ध कराता है। इसी समस्या से निपटने के लिए बहजोई के कमालपुर और वहापुर देहात व ऐंचोड़ा कंबोह के ततारपुर रोड पर 33/11 केवी के नए उपकेंद्र बनाने को स्वीकृति मिली थी। विभाग ने जून में तीनों उपकेंद्रों को बिजनेस प्लान 2024-25 में शामिल कर लिया। टेंडर प्रक्रिया होने के बाद सितंबर में मेरठ की निर्माण एजेंसी ने कार्य शुरू किया, लेकिन कुछ समय बाद ही टेंडर रद्द हो गया था। जिसकी वजह से उपकेंद्रों का निर्माण कार्य रुक गया। अब दोबारा से टेंडर प्रक्रिया होने के बाद विभाग ने कार्य शुरू कर दिया। मुरादाबाद की माध्यमिक कार्य खंड की संस्था निर्माण कार्य कर रही है। कमालपुर और वहापुर में तेजी से काम चल रहा है। जबकि उपकेंद्रों के लिए खंभे लगाकर लाइन पहले ही खींच दी गई हैं। दावा है कि तीन महीने के अंदर कमालपुर और वहापुर उपकेंद्र का कार्य पूरा कर सप्लाई शुरू कर दी जाएगी।
बहजोई उपकेंद्र पर सबसे ज्यादा लोड
बहजोई उपकेंद्र की क्षमता करीब 1050 एम्पियर आउटपुट देने की है, जबकि गर्मियों में यह मांग बढ़कर 2400 एम्पियर तक पहुंच जाती है। सबसे अधिक लोड नार्थ और साउथ फीडर पर है। इसी वजह से उपभोक्ताओं को विद्युत कटौती से जूझना पड़ता है। ऐसी ही स्थिति ऐंचोड़ा कंबोह उपकेंद्र की है।
वर्जन
- जिले में तीन नए विद्युत उपकेंद्र बनने प्रस्तावित हैं। जिसमें बहापुर देहात और कमलापुर में काम शुरू हो गया है। ततारपुर उपकेंद्र का काम भी जल्द शुरू किया जाएगा। उम्मीद है कि तीन महीने के अंदर उपकेंद्रों से सप्लाई शुरू हो जाएगी। -विनोद कुमार, एसई संभल