चंदौसी। माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से चंदौसी तहसील परिसर में राजकीय पुस्तकालय का निर्माण बजट की मंजूरी न मिलने पर लटका है। पुस्तकालय बनने से क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों की उम्मीद धूमिल होने लगी है।
शहर में चल रही निजी लाइब्रेरियों की अधिक फीस के कारण गरीब और मध्यम वर्ग के कई छात्र-छात्राएं वहां पढ़ाई नहीं कर पाते। ऐसे विद्यार्थियों को निशुल्क और बेहतर अध्ययन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने तहसील परिसर में राजकीय पुस्तकालय बनाने की योजना तैयार की थी। इसके लिए करीब 500 वर्ग मीटर भूमि भी चिह्नित कर दी गई है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार राजकीय पुस्तकालय में विभिन्न विषयों की पुस्तकें उपलब्ध होंगी। इसके अलावा विद्यार्थियों के लिए इंटरनेट और ऑनलाइन अध्ययन सामग्री की सुविधा भी दी जाएगी। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को काफी मदद मिलेगी। साथ ही राजकीय पुस्तकालय बनने से छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के लिए अच्छा माहौल मिलेगा और महंगी निजी लाइब्रेरियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
खासकर आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को बिना किसी शुल्क के पढ़ाई की बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। हालांकि, अभी भूमि चिह्नित होने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। राजकीय जिला पुस्तकालय की डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर आरती यादव ने बताया कि तहसील चंदौसी परिसर में राजकीय पुस्तकालय के लिए भूमि चिह्नित की जा चुकी है। बजट स्वीकृत होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। पुस्तकालय बनने से क्षेत्र के विद्यार्थियों और युवाओं को अध्ययन के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।