सीएम को गांव बुलाने की मांग को लेकर आमरण अनशन बैठे शहीद के परिजनों ने आश्वासन पर रविवार को तीसरे दिन अनशन खत्म कर दिया। यूपी सरकार में राज्यमंत्री गुलाब देवी बतौर सीएम की प्रतिनिधि देर शाम शहीद के गांव पनसुखा मिलक पहुंची और जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।
इससे पहले शहीद के परिजनों ने मुरादाबाद में सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। बीजेपी नेताओं और राज्य सरकार के वादे गिनाए। इस पर सीएम ने शहीद के पिता से कहा कि, आप अनशन मत करो, प्रदेश के हर शहीद के घर जाऊंगा। वहीं अन्य विकास कार्यों को कराने का भी भरोसा दिलाया। डीएम को इंटर कॉलेज के लिए जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव भेजने के भी निर्देश दिए।
सीएम को बुलाने को लेकर अनशन पर बैठे शहीद की मां और पत्नी समेत पांच अनशनकारियों की हालत शनिवार को बिगड़ गई थी। इस पर प्रशासन ने सीएम तक संदेश भेजा, तय हुआ कि, परिजनों को मुरादाबाद लाकर उनकी मुलाकात करा दी जाए।
इसी क्रम में रविवार को दोपहर शहीद के पिता ब्रह्मपाल, भाई अनिल कुमार और सुधीर कुमार मुरादाबाद पहुंचे। परिजनों ने सीएम से गांव में इंटर कालेज, सड़क बनवाने, शहीद के दिव्यांग भाई की नौकरी लगवाने और अमरोहा सांसद की ओर से गैस एजेंसी दिलवाने के वादे को पूरा कराने की मांग की। प्रार्थना पत्र लेने के बाद सीएम ने संभल जिलाधिकारी भूपेंद्र एस चौधरी से कहा कि तत्काल गांव में इंटर कालेज के लिए जमीन चिह्नित कर उसका प्रस्ताव भेजें।
राज्यमंत्री ने शाम तकरीबन सात बजे गांव पहुंच कर शहीद की पत्नी और मां के साथ अन्य अनशनकारी ग्रामीणों को जूस पिलाया और सबका अनशन खत्म कराया। इस दौरान जिलाध्यक्ष राजेश सिंघल, असमोली क्षेत्र के नेता अवधेश यादव, भुवनेश राघव, हरेंद्र सिह, चौधरी नरेंद्र सिंह, नंद किशोर शर्मा समेत तमाम बीजेपी नेता मौजूद रहे।