दोनों चीनी मिलों को दो दिन में भुगतान करने का अल्टीमेटम दिया गया। ऐसा न करने पर इन मिलों को गन्ना क्रय केंद्र नहीं आवंटित किए जाने की चेतावनी दी गई।
शहर के ललित मीटिंग हाल में आयोजित गन्ना सुरक्षण की बैठक में कई चीनी मिलों के प्रतिनिधियों ने लिखित रूप में कई कई गन्ना क्रय केंद्र उन्हें आवंटित किए जाने की मांग की। इसी बीच कई किसानों ने राणा ग्रुप की शाहबाद व बिलारी चीनी मिलों पर भुगतान को लेकर परेशान करने का आरोप लगाना शुरू कर दी।
चेयरमैन सुबोध शर्मा ने स्पष्ट किया कि उपरोक्त दोनों चीनी मिलों को दो दिन का समय दिया जा रहा है यदि मिलें दो दिन में बकाया भुगतान कर देती है तो उन्हें गन्ना क्रय केंद्र आवंटित किया जाएगा, अन्यथा उन्हें क्रय केंद्र नहीं दिए जाएंगे। कहा, अधिकतर किसान चाहते हैं कि उन्हें डीएसएम शुगर मिल असमोली और रजपुरा से जोड़ा जाए। हालांकि गन्ना विकास परिषद के चेयरमैन जितेंद्र कुमार सिंह ने असमोली व रजपुरा मिल पर भी घटतौली का आरोप लगाया। इसलिए सभी सेंटर इन दोनों मिलों को नहीं दिए जाने चाहिए।
इसके अलावा संचालक अशोक कुमार तिवारी, रामवीर सिंह, विकास तोमर, अमित कुमार, सावित्री देवी आदि ने भी अपने अपने सेंटरों को लेकर पंसदीदा चीनी मिलों के नाम सुझाए। बाद में तय किया गया कि दो दिन के बाद ही निर्णय लिया जाएगा कि कौन सा गन्ना क्रय केंद्र किस चीनी मिल को आवंटित किया जाए। इसी बीच किसानों, संचालकों, पदाधिकारियों द्वारा दिए गए सुझावों, मांग पत्रों पर विचारविमर्श भी कर लिया जाएगा।
इसमें प्रमोद कुमार शर्मा, अमित कुमार, नकुल प्रताप सिंह, हिमांशु प्रताप सिंह, श्याम सुंदर, यदु शुगर बिसौली प्रवीन कुमार, रजपुरा शुगर मिल के इकबाल सिंह, अजुध्या शुगर बिलारी विपिन त्यागी, राणा शुगर करीमगंज से सुशील कुमार, असमोली चीनी मिल से एसएस त्यागी, मिलक नरायनपुर चीसी मिल से सिसौदिया आदि कई लोग शामिल रहे। संचालन सचिव विजय कुमार शुक्ल ने किया।