थाना कुढ़ फतेहगढ़ के गांव बिचैटा में गुरुवार को सरकारी नलकूप की कुइयां में डूबकर मासूम की मौत हो गई। मासूम की मौत से परिजनों मेें कोहराम मचा हुआ था। गांव बिचैटा निवासी देव सिंह अपनी पत्नी मीरा व पांच वर्षीय पुत्र सिद्धार्थ के साथ गुरुवार को गांव से बाहर अपने मैंथा के खेत की निराई करने गए थे।
दंपति मैंथा खेत में निराई करने लगा। उनका मासूम पुत्र खेलते-खेलते खेत के पास बने सरकारी नलकूप पर पहुंच गया। अनुमान है कि नलकूप की कुइयां के पास जाकर उसका पैर अचानक फिसल गया और वह कुइयां में जा गिरा।
जबकि उसके माता पिता खेत की निराई करने में लगे रहे। पूर्वाह्न करीब 11 बजे गांव का भरत सिंह पुत्र दीपचंद्र वहां नहाने पहुंचा। उसने मासूम को कुइयां में पड़ा देखकर खलबली मच गई। उसे बाहर निकाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
उसने मासूम को पहचान कर खेत पर काम कर रहे उसके माता पिता को बुलाया। सिद्धार्थ को देखकर माता पिता में कोहराम मच गया। आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण भी वहां आ गए। मासूम के शव को गांव लाया गया। उनके आगे ग्रामीणों की भीड़ लग गई। देव सिंह की चार संतानों में सिद्धार्थ सबसे छोटा था। इसके अलावा विनोद, पिंकी व मीनाक्षी भाई के शव को देखकर गुमसुम बने हुए थे।