, जबकि दो लोग घायल हो गए। हादसे से गुस्साए लोगों ने मेरठ-बदायूं हाईवे मार्ग पर करीब छह घंटे तक जाम लगाकर प्रदर्शन किया।
बदायूं जिले के जरीफनगर थानाक्षेत्र के गांव दहगवां निवासी लालराम (30)पुत्र रामेश्वर शर्मा, कर्रू उर्फ कल्यान (35) पुत्र करन सिंह, खनुआनगला गांव के सोदान सिंह (55) पुत्र सियाराम और दहगवां निवासी अलीशेर पुत्र इन्साफी, सुशील पुत्र सोहनपाल पड़रिया के साथ टाटा सूमो गाड़ी से दवा लेने के लिए बरेली जा रहे थे।
सुबह करीब छह बजे बदायूं की ओर से आ रही नरौरा डिपो की बस ने थाना जरीफनगर क्षेत्र के जतकी पुल और उस्मानपुर के बीच टाटा सूमो में टक्कर मार दी। इसमें टाटा सूमो सवार लालराम, कर्रू उर्फ कल्यान और सोदान सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि, अलीशेर और सुशील को घायल अवस्था में अस्पताल में दहगवां में भर्ती कराया गया। जानकारी होने पर काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घटना के विरोध में सुबह 6:15 बजे बदायूं-मेरठ हाईवे पर जाम लगा दिया। इससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
करीब छह घंटे तक लगे जाम से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस बीच एक युवक के कहने पर भीड़ में शामिल लोग मीडियाकर्मियों के कैमरे छीनने लगे। जरीफनगर पुलिस ने जाम खुलवाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ के तेवर देख पीछे हट गई। बाद में एसओ जरीफनगर नरेंद्र यादव ने कैमरे छीनने वालों को खदेड़ दिया। सीओ सहसवान उमेश यादव, एसडीएम हरिशंकर यादव, सहसवान पुलिस और पुलिस कप्तान आदि अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर करीब 12बजे जाम को खुलवा दिया।