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रहोली में दबंगों का कहर, दलित का मकान ढहाया

Sun, 18 Sep 2016 12:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
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पीड़ित परिवार लगातार थानाध्यक्ष को फोन करता रहा लेकिन फोन रिसीव नहीं किया गया। आखिरकार जब पुलिस अधीक्षक को फोन कर सूचना दी गई, तब जाकर करीब तीन घंटे के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। जब तक उसका पूरा मकान गिराया जा चुका था। शनिवार को देर शाम चार लोगों के खिलाफ मामूली धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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कुढ़ फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के रहोली गांव में शुक्रवार को देर रात करीब पंद्रह बीस सशस्त्र लोगों ने राम बहादुर के घर को घेर लिया। उनके हाथों में फावड़ा, सरिया आदि भी थे। इसके बाद राम बहादुर के मकान को ढहाना शुरू कर दिया। जब राम बहादुर और उसके परिजनों ने शोर मचाना शुरू कर दिया तो दबंगों ने फायरिंग शुरू कर दी। इस कारण ग्रामीण आगे नहीं बढ़ सका। रामबहादुर और उसके भाई महिपाल आदि ने कुढ़ फतेहगढ़ थाना पुलिस को सूचना देने के लिए फोन किया लेकिन उनका कोई भी फोन रिसीव नहीं किया गया।

अन्य अधिकारियों के भी फोन उस दौरान नहीं उठे। बताते हैं कि आखिरकार राम बहादुर ने कहीं से पुलिस अधीक्षक सभाराज यादव का फोन नंबर पताकर सूचना दी। इसके बाद पुलिस हरकत में आई लेकिन तब तक राम बहादुर का मकान ढहाया जा चुका था। हालांकि इसके पास ही एक कमरा शेष बचा है, उसमें ही कुछ सामान रख लिया गया है। 
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ताबड़तोड़ फायरिंग से पूरे गांव में खलबली मची रही लेकिन कोई भय के कारण के बाहर निकलकर नहीं आया। पुलिस के पहुंचने के बाद दबंग भाग निकले। हद तो यह हो गई कि शनिवार को भी पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। राम वबहादुर का परिवार रिपोर्ट लिखाने के लिए दिनभर थाने में रहा।

देर शाम थानाध्यक्ष शाहिद अली ने बताया कि राम बहादुर की तहरीर पर गंगा सहाय यादव पुत्र देवीदास, उसके भाई निरंजन सिंह, भतीजे चंद्रपाल, मुनेश, महेंद्र, चरन सिंह व राकेश पुत्र किशनापल यादव के खिलाफ मकान में तोड़फोड़ करने, गाली गलौज मारपीट करने तथा जान से मारने की धमकी देने के साथ साथ अनुसूचित जाति अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।

रहोली गांव निवासी अनुसूचित जाति परिवार के राम बहादुर का दावा है कि 27 साल पहले अपने मकान के पास ही कुछ जमीन उसने गांव की ही मालदेई पत्नी स्वर्गीय छत्रपाल  सिंह व रानी पत्नी स्वर्गीय जवाहर से खरीदी थी। लेकिन, बुजुर्गों ने बैनामा कराने की बजाय स्टांप पर लिखवा लिया, दाखिल खारिज नहीं हो पाया था। कुछ दिन पहले उसे बिना बताए ही मालदेई व रानी के  बेटों ने उसी जमीन को गांव के ही राकेश यादव आदि को बेच दिया। अब राकेश यादव सत्ता में अपना रसूख दिखाते हुए जमीन खाली कराना चाहते हैं। लेकिन, उसने जमीन पर बना हुआ मकान दिखाते हुए उसे खाली करने से इनकार कर दिया। इस पर दबंगों ने रातोरात उसका मकान जमींदोज कर दिया।
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