संभल। महाशिवरात्रि की तिथि को लेकर कुछ लोगों के मन में भ्रम है कि व्रत 15 फरवरी को रखा जाए या 16 फरवरी को। श्री विनायक ज्योतिष केंद्र के अध्यक्ष ज्योतिषाचार्य पंडित शोभित शास्त्री का कहना है कि शास्त्रों के अनुसार 15 फरवरी को ही महाशिवरात्रि मनाना उचित रहेगा।
उन्होंने कहा कि फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि इस बार 15 फरवरी शाम 5.05 बजे से शुरू होकर 16 फरवरी को शाम 5.35 बजे तक रहेगी। चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी की रात को ही रहेगी, इसलिए इसी दिन महाशिवरात्रि मनाना शास्त्र सम्मत है। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि पर महाशिवरात्रि पर भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए दिनभर कई शुभ मुहूर्त मिलेंगे।
जिनमें भक्त पूजा-अर्चना कर सकते हैं। पहला मुहूर्त सुबह 8.24 बजे से 9.48 बजे तक, दूसरा मुहूर्त सुबह 9.48 बजे से 11.11 बजे तक है। तीसरा मुहूर्त अमृत सर्वोत्तम मुहूर्त रहेगा, जो सुबह 11.11 बजे 12.35 बजे तक होगा। जिसमें जलाभिषेक करना अत्यंत फलदायी रहेगा। जो श्रद्धालु शाम को पूजा करना चाहते हैं। वह 6.11 बजे से 7 .47 बजे तक जलाभिषेक कर सकते हैं। इन सभी मुहूर्तों में श्रद्धा और सच्चे मन से शिवलिंग पर जल अर्पित करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।