डीओ और महिला कर्मचारी के बीच हुए वार्तालाप की कॉल रिकार्डिंग वायरल होने के बाद एससी-एसटी आयोग ने जांच शुरू कर दी। जांच पड़ताल के तहत शुक्रवार को पहली पेशी हुई, जिसमें शिकायतकर्ता महिला कर्मचारी खुद पेश हुईं, जबकि जिला प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार पहुंचे। महिला कर्मचारी ने शुक्रवार को रो-रोकर अपनी व्यथा सुनाकर न्याय की गुहार लगाई है। संभल के मुख्य विकास अधिकारी के खिलाफ संविदा पर तैनात जिला कंसलटेंट ने अनुसूचित जाति जनजाति आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। आयोग के सचिव ने डीएम से वार्ता की थी।
वार्ता के फैक्स के जरिए महिला कर्मचारी का प्रार्थना पत्र जिलाधिकारी के पास भेजा गया। इसकी जांच करके विस्तृत आख्या आयोग ने मांगी थी। आयोग को आख्या देने के लिए जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन किया। समिति ने जब जांच की तो महिला कर्मचारी ने समिति के सदस्यों पर ही अविश्वास जता दिया। इसके बाद समिति ने जांच करने से इनकार कर दिया और डीएम ने पूरे प्रकरण की वस्तु स्थिति से आयोग को अवगत कराने का निर्णय लिया। डीएम की ओर से नामित गुन्नौर के नायब तहसीलदार सोहनपाल पेश हुए।
उन्होंने आयोग के सचिव के नाम जिलाधिकारी का पत्र और प्रकरण पर आख्या प्रस्तुत की। इसी दौरान महिला कर्मचारी ने अपना पक्ष रखा। जांच की मांग की। आयोग ने किसी उच्चाधिकारी से जांच का भरोसा दिया। महिला कर्मचारी ने कहा कि उन्हें आयोग से न्याय मिलने की उम्मीद है। एक न एक दिन दोषी को सजा जरूर मिलेगी।