रूस-यूक्रेन युद्ध से यूक्रेन में पढ़े रहे भारतीय छात्रों का करियर अधर में लटका है। स्वदेश लौटे छात्रों को अपने भविष्य की चिंता सता रही है। लाखों खर्च करके, किसी तरह से जान बच बचाकर लौटे हैं।
कुछ छात्र पहले वर्ष के विद्यार्थी हैं, तो कुछ तीन और पांच साल से यूक्रेन में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। यूक्रेन से लौटे छात्र हर हाल में अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं। कुछ छात्रों ने हालात सामान्य होने पर यूक्रेन लौटने का फैसला परिवार के सदस्यों पर छोड़ दिया है।
यूक्रेन की स्थिति अभी सामान्य नहीं है। मेरे के लिए करियर महत्वपूर्ण है। संभावना है कि जल्द ऑनलाइन क्लासेस शुरू होंगी। हालात सामान्य होने और विश्वविद्यालय के बुलावे पर मैं एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए यूक्रेन अवश्य जाऊंगा। किसी कारणवश परिजन नहीं मानते हैं, तो उन्हें मनाने का हरसंभव प्रयास करूंगा। - शशांक वार्ष्णेय, सरस्वती विहार चंदौसी, यूक्रेन से लौटा छात्र
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यूक्रेन की स्थिति ठीक नहीं हैं। पर पढ़ाई में खर्च काफी होता है। शुरू में भी ऑनलाइन पढ़ाई चल रही थी। मैं और मेरे दोस्त फरवरी के शुरू में ही यूक्रेन गए थे। ऑनलाइन पढ़ाई शुरू होने का अनुमान हैं, इसकी आवश्यक सूचना विश्वविद्यालय ने मांगी है। स्थिति सामान्य होने पर मैं अवश्य यूक्रेन जाऊंगा। - वैभव गुप्ता, आवास विकास चंदौसी, यूक्रेन से लौटा छात्र
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यूक्रेन में हालात इस समय ठीक नहीं है। हम यूक्रेन के शहर ऊजहोरोद की ऊजहोरोद राष्ट्रीय यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस करने के लिए गए थे। एक वर्ष की फीस भी परिवार ने जमा कर दी है। हालात बिगड़े हैं तो आ गए। अब हालात सामान्य होंगे तो जाएंगे भी क्योंकि हमारे देश में इतने कम खर्च पर एमबीबीएस नहीं होता है। इसलिए जाने का पूरा इरादा है। - अबुल बरकात, गांव रायाबुजुर्ग, यूक्रेन से लौटा छात्र
हम जिस इलाके में थे, वहां कोई समस्या नहीं थी। लेकिन यूक्रेन में लगातार हालात बिगड़ रहे थे। इसलिए वापस घर आए हैं। जब हालात सामान्य होंगे, तो परिवार का निर्णय है कि वह भेजेंगे या नहीं। फिलहाल तो घर पर ही रहकर अपनी तैयारी करेंगे। जिससे पढ़ाई में ज्यादा बाधा न आए। - शाकिब हुसैन, गांव सादिरनपुर, यूक्रेन से लौटा छात्र