चंदौसी। ऑल इंडिया ओलमा व मशाइख बोर्ड के तत्वावधान में ईद मिलादुन्नबी पर मदरसा गौसुल आलम में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें नबी की सुन्नत पर चलने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में हाफिज मतीन अशरफी ने कहा कि हमारे नबी आलमी नबी है और अल्लाह ने उन्हें रहमत उल आलमीन बनाकर भेजा था। आवाम को उनके बताए रास्ते पर चलना चाहिए। उनकी एक-एक सुन्नत पर अमल करना दुनिया और आखिरत की कामयाबी है। हाजी शाह आलम मंसूरी ने कहा कि नबी ने दो चीजों की नसीहत दी है। नसीहत में बताया कि यदि किताब उल्लाह व मेरी सुन्नत। दोनों को मजबूती से पकड़े रहोगे तो कामयाब हो जाओगे। लोग 12 रबी उल अव्वल के दिन दुरुद-ए-पाक को कसरत से पढ़ें और दुआओं का खास एहत्माम करें।
आखिर में मजलिस में हजरत शराफत मियां बरेली शरीफ वालों की फातिहा पढ़कर संपन्न कराई गई। इस अवसर पर हाजी शाह आलम मंसूरी, हाफिज मतीन अशरफी, मौलाना सोहेल, हाफिज रईस, हाफिज मोहम्मद अहमद, सूफी अबरार आदि मौजूद रहे।